झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेता बैजनाथ राम ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण कर संसदीय राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत की। उनके उच्च सदन में प्रवेश को झारखंड की राजनीतिक प्रतिनिधित्व क्षमता के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है। शपथ ग्रहण के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला।
बैजनाथ राम के राज्यसभा सदस्य बनने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे संसद में झारखंड से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें बधाई संदेश भेजा और कहा कि उनका अनुभव तथा राजनीतिक समझ राज्य के हितों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखने में सहायक होगी।
हेमंत सोरेन ने अपने संदेश में उम्मीद व्यक्त की कि बैजनाथ राम सामाजिक न्याय, समान अवसर, संवैधानिक मूल्यों और आम जनता के अधिकारों से जुड़े विषयों को राज्यसभा में प्रमुखता से सामने लाएंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को राष्ट्रीय मंच पर रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और संविधान की भावना से प्रेरणा लेते हुए बैजनाथ राम समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों के अधिकारों की आवाज को और सशक्त बनाएंगे। उनके राज्यसभा पहुंचने से झारखंड के सामाजिक सरोकारों और विकास से जुड़े मुद्दों को संसद में नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।