बादाम कोल परियोजना में बवाल! मुआवजा और पुनर्वास विवाद को लेकर ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन

बादाम कोल परियोजना में बवाल! मुआवजा और पुनर्वास विवाद को लेकर ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 16, 2026, 10:53:00 AM

हजारीबाग जिले में संचालित एनटीपीसी की बादाम कोल खनन परियोजना मंगलवार को उस समय विवादों के केंद्र में आ गई, जब विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर नाराज ग्रामीणों ने परियोजना से जुड़ी एक निजी एजेंसी के साइट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान स्थिति अचानक बिगड़ गई और प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा। आक्रोशित लोगों ने कार्यालय परिसर में घुसकर व्यापक नुकसान पहुंचाया, जिससे परियोजना क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी मांगों के समर्थन में एकत्र हुए थे। उनका आरोप है कि खनन परियोजना से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं को लेकर लंबे समय से आश्वासन तो दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।

घटना के दौरान कार्यालय परिसर में रखे उपकरणों, फर्नीचर और अन्य सामग्री को क्षति पहुंची। अचानक हुए हंगामे से वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। कई कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।

सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सुरक्षा बलों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए पूरे परियोजना क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि परियोजना प्रभावित ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच लंबे समय से संवादहीनता की स्थिति बनी हुई है। हाल के दिनों में कुछ ग्रामीणों की गिरफ्तारी और विभिन्न मांगों पर सहमति नहीं बनने से असंतोष और बढ़ गया था, जिसने मंगलवार को बड़े विरोध प्रदर्शन का रूप ले लिया।

इधर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। इसके लिए परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं ग्रामीणों का पक्ष है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किए जाने के कारण हालात इस स्तर तक पहुंचे। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, हालांकि माहौल अभी भी संवेदनशील माना जा रहा है। प्रशासन विवाद के स्थायी समाधान के लिए प्रभावित ग्रामीणों और परियोजना प्रबंधन के बीच बातचीत कराने की दिशा में प्रयासरत है।