‘दिशा’ बैठक में मनरेगा से आयुष्मान तक योजनाओं का आकलन, जनहित योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश

‘दिशा’ बैठक में मनरेगा से आयुष्मान तक योजनाओं का आकलन, जनहित योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 07, 2026, 11:52:00 AM

रांची में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक के दौरान केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति का व्यापक आकलन किया गया। मंगलवार को कृष्ण लोक संस्थान में आयोजित इस बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सांसद संजय सेठ, सांसद काली चरण मुंडा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, नगर निगम की मेयर रोशनी खलखो और उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कुल 34 योजनाओं की समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास, शहरी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला कल्याण जैसे अहम क्षेत्रों पर फोकस रखा गया।

ग्रामीण और सामाजिक योजनाओं के अंतर्गत मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही जन धन योजना, अटल पेंशन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसे वित्तीय समावेशन से जुड़े कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

कृषि क्षेत्र में किसानों से संबंधित योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, ई-नाम, कृषि अवसंरचना कोष और मृदा स्वास्थ्य कार्ड की स्थिति पर चर्चा हुई। सिंचाई और जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की भी समीक्षा की गई।

शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0, स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन और वायु गुणवत्ता सुधार कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया गया। साथ ही पेयजल, जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़े प्रयासों की स्थिति पर भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई।

स्वास्थ्य और पोषण के मोर्चे पर आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, टीबी उन्मूलन अभियान और पोषण कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली की जांच की गई। महिला एवं बाल विकास योजनाओं जैसे आंगनबाड़ी सेवाएं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना और वन स्टॉप सेंटर की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में कौशल विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं को भी महत्व दिया गया। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, समग्र शिक्षा अभियान, ई-श्रम पोर्टल और राष्ट्रीय करियर सेवा के माध्यम से युवाओं को जोड़ने के प्रयासों की समीक्षा की गई। इसके अलावा परिवहन, रेलवे, दूरसंचार और भारतनेट जैसी आधारभूत परियोजनाओं की स्थिति का भी जायजा लिया गया।

बैठक के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। पारदर्शिता बनाए रखने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि आम नागरिकों तक इन योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके।