विश्व शेर दिवस के अवसर पर राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने ‘गिर की अमूल्य धरोहर’ नाम से एक डॉक्यूमेंट्री जारी की। यह फिल्म गुजरात के गिर क्षेत्र में एशियाई शेरों के संरक्षण की लंबी यात्रा, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और वन्यजीव संरक्षण में जुटे लोगों के प्रयासों को केंद्र में रखती है।
डॉक्यूमेंट्री में एशियाई शेरों के प्राकृतिक जीवन के साथ-साथ शेरनियों की अहम भूमिका को भी रेखांकित किया गया है। शावकों के पालन-पोषण और नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने में शेरनियों की भूमिका को प्रजाति की बढ़ती आबादी का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। इसके अलावा वन अधिकारियों, मैदानी स्तर पर तैनात कर्मचारियों और ट्रैकर्स की भूमिका तथा मालधारी समुदाय के साथ शेरों के लंबे समय से चले आ रहे सह-अस्तित्व को भी इसमें जगह दी गई है।
डॉक्यूमेंट्री का विमोचन ऐसे समय हुआ है, जब गुजरात में एशियाई शेरों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। जारी प्रेस नोट के मुताबिक, पिछले एक दशक में शेरों की संख्या 70 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2025 में 891 हो गई। वहीं वयस्क शेरनियों की संख्या 330 तक पहुंच गई है।
एशियाई शेरों का प्राकृतिक वितरण क्षेत्र भी बढ़ा है और अब यह करीब 35,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है। यह क्षेत्र सौराष्ट्र के 11 जिलों की 58 तहसीलों तक विस्तृत बताया गया है। प्रेस नोट में बर्दा क्षेत्र को शेरों के दूसरे घर के रूप में उभरते क्षेत्र के तौर पर रेखांकित किया गया है।
डॉक्यूमेंट्री में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शेरों की बढ़ती आबादी और उनके विस्तृत होते प्राकृतिक क्षेत्र के साथ संरक्षण की जिम्मेदारी भी बढ़ रही है। मानव हस्तक्षेप को सीमित रखते हुए उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के साथ संतुलित सह-अस्तित्व को महत्वपूर्ण बताया गया है।
डॉक्यूमेंट्री के विमोचन पर परिमल नथवाणी ने एशियाई शेरों के संरक्षण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वन अधिकारियों, मैदानी कर्मचारियों, शोधकर्ताओं और स्थानीय समुदायों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अब संरक्षण के अगले चरण में शेरों और उनके समूहों की सुरक्षा के साथ उनके प्राकृतिक आवास और विस्तारित क्षेत्र का संरक्षण प्रमुख प्राथमिकता होना चाहिए।
‘गिर की अमूल्य धरोहर’ में गिर के पारिस्थितिक महत्व, एशियाई शेरों के संरक्षण की यात्रा और वन्यजीवों, स्थानीय समुदायों तथा संरक्षण से जुड़े अधिकारियों के बीच संबंधों को प्रस्तुत किया गया है। यह डॉक्यूमेंट्री गिर के जैव-विविधता वाले परिदृश्य और शेर संरक्षण में विभिन्न हितधारकों की भूमिका को सामने लाने का प्रयास है।