रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए पशु तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 41 मवेशियों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया और तस्करी में इस्तेमाल हो रहे चार पिकअप वाहनों को जब्त कर लिया। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिन वाहनों में मवेशियों को ले जाया जा रहा था, उन पर अलग-अलग देवी-देवताओं के नाम लिखे हुए थे।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इरबा क्षेत्र से बड़ी संख्या में पशुओं को अवैध रूप से पश्चिम बंगाल ले जाने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही ओरमांझी थाना प्रभारी शशिभूषण चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में एसआई जयप्रकाश पासवान, हवलदार सतीश कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
रात करीब साढ़े बारह बजे पुलिस टीम ने इरबा के मदरसा मोहल्ला स्थित नौशाद अंसारी के घर के पास छापेमारी की। मौके पर पहुंचते ही पुलिस ने देखा कि चार पिकअप वैन में मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा था। पुलिस की मौजूदगी का आभास होते ही वहां मौजूद मुख्य तस्कर और मजदूर अंधेरे का फायदा उठाकर आसपास की गलियों में फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से चारों वाहनों को जब्त कर लिया और उनमें लदे 41 पशुओं को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया।
प्राथमिक जांच के दौरान एक अहम तथ्य सामने आया है। पुलिस के मुताबिक तस्करों ने वाहनों पर धार्मिक नारे और देवी-देवताओं के नाम लिखवा रखे थे, ताकि रास्ते में चेकिंग के दौरान किसी को उन पर शक न हो। जब्त किए गए वाहनों पर ‘जय भोले शंकर’, ‘जय माता दी’, ‘जय बजरंगबली’ और ‘जय बाबा ब्रमेश्वरनाथ’ जैसे वाक्य लिखे हुए पाए गए।
पुलिस का मानना है कि तस्कर इस तरह के धार्मिक संदेशों का इस्तेमाल एक तरह के सुरक्षा कवच के रूप में करते हैं। इससे आम लोग या पुलिसकर्मी वाहन को किसी धार्मिक कार्य या सामान्य परिवहन का हिस्सा समझकर अनदेखा कर सकते हैं। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।