एलपीजी संकट के बीच रांची में बढ़ी कोयले की मांग, आपूर्ति सुधारने में जुटा प्रशासन

एलपीजी संकट के बीच रांची में बढ़ी कोयले की मांग, आपूर्ति सुधारने में जुटा प्रशासन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 31, 2026, 11:27:00 AM

रांची में इन दिनों रसोई गैस की कमी ने आम जनजीवन पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। घरेलू उपयोग के साथ-साथ होटल, ढाबों और छोटे व्यवसायों पर भी इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। गैस सिलेंडरों की अनुपलब्धता के चलते लोग वैकल्पिक ईंधन के रूप में कोयले का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे इसकी मांग अचानक बढ़ गई है।

बढ़ती समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित हस्तक्षेप किया। उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें कोल कंपनियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि एलपीजी की कमी ने कोयले पर निर्भरता बढ़ा दी है, ऐसे में इसकी आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल मजबूत करना आवश्यक है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में पर्याप्त मात्रा में कोयले की उपलब्धता बनाए रखी जाए और उपभोक्ताओं को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण कोयला मिलना चाहिए।

प्रशासन का मानना है कि वर्तमान परिस्थिति में कोयला एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। इसलिए इसकी सप्लाई चेन को व्यवस्थित रखना प्राथमिकता में है, ताकि कहीं भी कमी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

बैठक में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। सभी पक्षों ने समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई और उत्पादन, परिवहन तथा वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की।

इसके साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कोयले की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए निगरानी तंत्र को सशक्त करने और बाजार गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

संकट के इस दौर में कमजोर वर्गों और छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत सहायता प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया है, ताकि वे आर्थिक दबाव से उबर सकें। प्रशासन को उम्मीद है कि इन कदमों से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ जाएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।