कांग्रेस-JMM तनातनी के बीच सरयू राय का बड़ा बयान, हेमंत सोरेन को बिना कांग्रेस सरकार का बनाने का दिया प्रस्ताव

कांग्रेस-JMM तनातनी के बीच सरयू राय का बड़ा बयान, हेमंत सोरेन को बिना कांग्रेस सरकार का बनाने का दिया प्रस्ताव

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 04, 2026, 11:49:00 AM

असम विधानसभा चुनाव के बीच झारखंड की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बीच बढ़ती खींचतान के बीच जेडीयू विधायक और पूर्व मंत्री सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक नई राजनीतिक दिशा अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सोरेन चाहें तो मौजूदा सहयोगियों से अलग होकर वैकल्पिक सरकार बना सकते हैं और ऐसे प्रयास में उन्हें समर्थन भी मिल सकता है।

सरयू राय ने दावा किया कि झारखंड में ऐसी सरकार का गठन संभव है जो न तो कांग्रेस पर निर्भर हो और न ही भाजपा पर। उनके अनुसार, कुछ विधायक बिना किसी शर्त के हेमंत सोरेन के नेतृत्व का समर्थन करने को तैयार हैं। उन्होंने विधानसभा की वर्तमान संख्या का हवाला देते हुए यह भी बताया कि बहुमत के लिए आवश्यक आंकड़ा हासिल करना असंभव नहीं है।

वर्तमान विधानसभा संरचना पर नजर डालें तो झामुमो के पास 34 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 16, भाजपा के 21, राजद के 4 और वाम दलों के 2 सदस्य हैं। इसके अलावा आजसू, जेडीयू, जेएलकेएम और लोजपा (आर) के पास एक-एक विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी होता है, जिसे लेकर नए समीकरण की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई है।

राय ने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि वह गठबंधन सहयोगियों को पर्याप्त महत्व नहीं देती। उनका कहना है कि सीट बंटवारे के मुद्दे पर JMM की मांगों को नजरअंदाज किया गया, और यह रवैया सिर्फ असम तक सीमित नहीं रहा बल्कि पहले भी ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं।

इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेताओं के उन बयानों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें झारखंड के प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। राय के अनुसार, इस तरह की टिप्पणियां अप्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकार और उसके नेतृत्व की छवि को प्रभावित करती हैं, जिससे सहयोगी दलों के बीच भरोसा कमजोर पड़ता है।

कुल मिलाकर, सरयू राय का यह बयान झारखंड की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में नए समीकरणों की संभावनाओं को हवा देता दिख रहा है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके दल की रणनीति पर निर्भर करेगा।