NSUI स्थापना दिवस पर आलोक दूबे का संदेश, कहा-‘संघर्ष और विचारधारा से युवाओं को मिली नई पहचान’

NSUI स्थापना दिवस पर आलोक दूबे का संदेश, कहा-‘संघर्ष और विचारधारा से युवाओं को मिली नई पहचान’

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 09, 2026, 2:24:00 PM

एनएसयूआई के स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड प्रदेश एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने देश और राज्यभर के कार्यकर्ताओं व नेताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस संगठन को युवाओं के लिए एक मजबूत मंच बताते हुए कहा कि यह केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि विचारों और संघर्ष की एक सशक्त धारा है, जिसने अनगिनत युवाओं को दिशा प्रदान की है।

दूबे ने अपने संदेश में कहा कि एनएसयूआई ने हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाई है। यह संगठन युवाओं में राजनीतिक समझ विकसित करने के साथ-साथ उन्हें विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहने का साहस देता है।

अपने व्यक्तिगत अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक संगठन से जुड़े रहना उनके लिए गौरव का विषय रहा है। एनएसयूआई ने उन्हें पहचान देने के साथ-साथ संघर्ष का रास्ता भी दिखाया। उन्होंने बताया कि उनके राजनीतिक जीवन में कई चुनौतियां आईं; 31 मुकदमों का सामना करना पड़ा और छह बार जेल जाना पड़ा, लेकिन संगठन की विचारधारा ने उन्हें हर बार मजबूत बनाया।

उन्होंने झारखंड राज्य गठन आंदोलन में एनएसयूआई की भूमिका को भी अहम बताते हुए कहा कि उस समय संगठन ने युवाओं को संगठित कर आंदोलन को मजबूती दी थी।

दूबे ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एनएसयूआई को एक प्रभावी छात्र संगठन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, राहुल गांधी द्वारा संगठन में आंतरिक लोकतंत्र को सशक्त करने और चुनाव प्रणाली को पुनः लागू करने से इसे नई ऊर्जा मिली। उन्होंने सोनिया गांधी के नेतृत्व को भी संगठन की मजबूती का आधार बताया।

अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के झारखंड दौरे के समय स्वागत की एक पुरानी तस्वीर भी साझा की।