आलमगीर आलम को जमानत मिलने पर कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप

आलमगीर आलम को जमानत मिलने पर कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का लगाया आरोप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 13, 2026, 4:35:00 PM

झारखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आलोक कुमार दूबे ने कांग्रेस नेता आलमगीर आलम को सुप्रीम Court से जमानत मिलने के बाद भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और केंद्रीय जांच एजेंसियों ने राजनीतिक बदले की भावना से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया और आलमगीर आलम के खिलाफ भी इसी रणनीति के तहत कार्रवाई की गई।

आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा लंबे समय से जिस मामले को लेकर कांग्रेस नेता पर आरोप लगाती रही, उसमें अब तक आलमगीर आलम के घर से कोई नकदी बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद भाजपा नेताओं ने लगातार बयानबाजी कर माहौल बनाने और उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में “मीडिया ट्रायल” के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की गई।

भाजपा प्रवक्ताओं के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए दूबे ने कहा कि जिस संजीव लाल का नाम लेकर भाजपा कांग्रेस को घेर रही है, वह पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सीपी सिंह के साथ भी काम कर चुका है। उनके मुताबिक भाजपा तथ्यों का केवल एक पक्ष सामने रखकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस नेता ने भाजपा की कार्यशैली को “वॉशिंग मशीन राजनीति” बताते हुए कहा कि विपक्ष में रहते हुए जिन नेताओं पर भाजपा गंभीर आरोप लगाती है, वही नेता पार्टी में शामिल होने के बाद स्वीकार्य हो जाते हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में रहने के दौरान भाजपा उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी, लेकिन भाजपा में आने के बाद उन्हें शीर्ष पद सौंप दिया गया।

उन्होंने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपने रुख बदलती रही है। आलोक दूबे ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के मामले में भी भाजपा का रवैया विरोधाभासी रहा है।

ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पिछले एक दशक में जांच एजेंसियों की कार्रवाई मुख्य रूप से विपक्षी दलों के नेताओं पर केंद्रित रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में भाजपा में शामिल होने के बाद नेताओं के खिलाफ जांच की गति धीमी पड़ जाती है, जो एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल की ओर संकेत करता है।

उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी राजनीतिक साजिश के तहत कानूनी मामलों में उलझाया गया था। दूबे ने कहा कि न्यायपालिका पर जनता का भरोसा कायम है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा आलमगीर आलम को मिली जमानत इस बात का संकेत है कि राजनीतिक आरोप हमेशा अदालत में टिक नहीं पाते।

कांग्रेस नेता ने यह भी बताया कि आलमगीर आलम के जेल से बाहर आने पर उनके विधानसभा क्षेत्र पाकुड़ में बड़े स्तर पर स्वागत की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक उनके स्वागत के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस लोकतंत्र और न्याय से जुड़े मुद्दों पर भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करती रहेगी।