झारखंड की राजनीति में शुक्रवार को उस समय उत्साह का माहौल देखने को मिला, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आलमगीर आलम जेल से रिहा होने के बाद सार्वजनिक रूप से समर्थकों के बीच पहुंचे। उनकी वापसी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जोरदार स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने अपने समर्थकों के साथ आलमगीर आलम का विशेष सम्मान किया। इस दौरान उन्हें 501 किलो की विशाल माला पहनाई गई, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। स्वागत समारोह में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच खासा उत्साह दिखाई दिया और पूरे आयोजन को शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आलमगीर आलम की रिहाई केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों में लोगों के भरोसे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सच्चाई को लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता और अंततः सत्य की ही जीत होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वागत समारोह में उमड़ी भीड़ ने स्पष्ट कर दिया कि आलमगीर आलम के प्रति जनता और कांग्रेस समर्थकों का विश्वास कायम है। उनके अनुसार, लोगों की बड़ी भागीदारी इस बात का संकेत है कि पार्टी कार्यकर्ता अपने नेताओं के साथ मजबूती से खड़े हैं।
इस मौके पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, विधायक निशात आलम, शाहबाज आलम समेत कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक अधिकारों, न्याय और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी और जनता की आवाज उठाती रहेगी।