रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश, इलाज के लिए जा रहे मरीज समेत सात की मौ*त

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस क्रैश, इलाज के लिए जा रहे मरीज समेत सात की मौ*त

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 24, 2026, 9:44:00 AM

रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की एक एयर एंबुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र स्थित कसियातु जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में विमान में मौजूद सभी सात लोगों की जान चली गई। देर रात तक राहत और बचाव अभियान चलाकर सभी शवों को बरामद कर लिया गया। इसकी पुष्टि चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने की।

उड़ान के कुछ ही मिनट बाद टूटा संपर्क

एयर एंबुलेंस ने शाम 7 बजकर 11 मिनट पर रांची के बिरसा मुंडा हवाईअड्डे से उड़ान भरी थी। लगभग 23 मिनट बाद, 7:34 बजे कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से उसका संपर्क अचानक टूट गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रात 8:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को सक्रिय किया गया।

कौन-कौन थे विमान में सवार

दुर्घटनाग्रस्त विमान में दो पायलट, कैप्टन विवेक और कैप्टन सबराजदीप के अलावा मरीज संजय कुमार, उनकी पत्नी अर्चना देवी, भगीना ध्रुव कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता और पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा मौजूद थे। हादसे में सभी की मौत हो गई।

मौसम बना संभावित कारण

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अचानक बदले मौसम को दुर्घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। सोमवार शाम तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि विमान निर्धारित मार्ग से दाईं ओर भटक गया था। स्थानीय ग्रामीणों ने करीब 7:45 बजे जंगल की दिशा से तेज धमाके की आवाज सुनने की बात कही, जिसके बाद इलाके में दहशत फैल गई।

65 प्रतिशत तक झुलसे थे संजय कुमार

मृतक संजय कुमार (41) लातेहार जिले के चंदवा निवासी व्यवसायी थे। छह दिन पहले उनके पलामू स्थित लाइन होटल में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से वे करीब 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे। उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। उनके दो बेटे हैं, शुभम (17) और शिवम (13)।

देवकमल अस्पताल के सीईओ अनंत सिन्हा ने बताया कि संजय कुमार को 16 फरवरी को गंभीर रूप से झुलसी अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। सोमवार शाम लगभग 4:30 बजे उन्हें अस्पताल से दिल्ली ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

भुगतान को लेकर विवाद का आरोप

परिजनों के अनुसार, एयर एंबुलेंस सेवा के लिए कंपनी को पहले ही 8 लाख रुपये दिए जा चुके थे, जबकि कुल राशि में 2.50 लाख रुपये शेष थे। आरोप है कि बकाया राशि का भुगतान न होने पर कंपनी ने उड़ान भरने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिजन चंदवा लौटे और परिचितों से पैसे की व्यवस्था कर दोबारा रांची पहुंचे। शेष राशि जमा होने के बाद ही विमान ने उड़ान भरी।

इस दर्दनाक हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।