श्रावणी मेले में इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को आधुनिक तकनीक के सहारे नए स्तर पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने मेले के प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थलों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों का नेटवर्क स्थापित किया है, जो चौबीसों घंटे गतिविधियों की निगरानी कर रहा है। इन कैमरों के जरिए न केवल भीड़ का आकलन किया जा रहा है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया गया है।
मेले के प्रमुख प्रवेश द्वार दुम्मा सहित विभिन्न चौक-चौराहों पर लगाए गए AI कैमरे हर आने-जाने वाले श्रद्धालु का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। दुम्मा गेट पर तैनात कर्मी अशोक टुडू के अनुसार, यह प्रणाली प्रत्येक घंटे श्रद्धालुओं की संख्या स्वतः दर्ज कर उसकी रिपोर्ट सीधे देवघर स्थित कंट्रोल रूम तक पहुंचाती है। इससे प्रशासन को वास्तविक समय में भीड़ की स्थिति की जानकारी मिलती रहती है और उसी के अनुरूप व्यवस्थाएं संचालित की जाती हैं।
श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए दुम्मा प्रवेश द्वार से लेकर कांवरिया पथ और बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर तक प्रशासनिक अधिकारियों और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। सारवां प्रखंड के अंचलाधिकारी राजेश कुमार साह ने बताया कि पूरे मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यदि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है तो मौके पर मौजूद अधिकारी तत्काल सहायता उपलब्ध कराते हैं और आवश्यकता होने पर चिकित्सा सुविधा भी सुनिश्चित कराई जाती है।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए AI तकनीक का उपयोग संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में भी किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बताया कि यदि कैमरों की निगरानी के दौरान कोई संदिग्ध व्यक्ति या असामाजिक तत्व सिस्टम की पहचान में आता है, तो संबंधित पुलिस टीम को तुरंत अलर्ट प्राप्त होगा। इससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई संभव होगी और पूरे मेले में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सुदृढ़ बनी रहेगी।