निकाय चुनाव को लेकर पलामू जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद जिलेभर में लाइसेंसी हथियारों की समीक्षा और सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी थाना क्षेत्रों में हथियार लाइसेंस धारकों की जांच की जा रही है और कई स्थानों पर हथियार जमा भी कराए जा रहे हैं।
पलामू पुलिस ने सत्यापन प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए हथियार लाइसेंस धारकों को चार अलग-अलग श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। इनमें जमानत पर जेल से बाहर आए लोग, आपराधिक रिकॉर्ड वाले, दंगा या हिंसक घटनाओं के आरोपी और सामान्य लाइसेंस धारक शामिल हैं। पुलिस इन सभी की अलग-अलग सूची तैयार कर रही है।
जानकारी के अनुसार, सत्यापन अभियान के दौरान किसी भी प्रकार का नया हथियार लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। जिले में फिलहाल 1150 से अधिक लोगों के पास लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां 500 से अधिक लोगों के पास लाइसेंसी हथियार हैं।
पलामू की एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि जिले में लाइसेंस धारकों की श्रेणीवार सूची तैयार कर सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जमानत पर बाहर आए लोगों और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लाइसेंस धारकों के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार हथियार जमा कराए जा रहे हैं। हथियार जमा होने के बाद सभी नामों और रिकॉर्ड की समीक्षा कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।