नगर निकाय चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट, सीमा सीलिंग और सघन जांच का निर्देश

नगर निकाय चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट, सीमा सीलिंग और सघन जांच का निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 21, 2026, 4:31:00 PM

रांची नगर निगम चुनाव की तैयारियों के बीच जिला प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव से पहले जिले में शांति बनाए रखने के लिए कई अहम कदम उठाने के निर्देश दिए।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि चुनाव से पहले जिले की सीमा को सील किया जाएगा और अपराधिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इस संदर्भ में सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि चुनावी माहौल शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रहे।

शांति समिति के साथ बैठक का निर्देश

उपायुक्त ने ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी बीडीओ और सीओ को शांति समिति के साथ बैठक करने का आदेश दिया। साथ ही संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां प्रशासनिक तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए।

अवैध शराब पर सख्ती, जनता से भी अपील

अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए उत्पाद विभाग को छापेमारी करने का निर्देश दिया गया है। डीसी ने जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री की जानकारी मिले तो “अबुआ साथी” के मोबाइल नंबर 9430328080 पर सूचना दी जाए।

सड़क सुरक्षा और गुड समेरिटन योजना पर जोर

बैठक में सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीसी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के साथ-साथ दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस क्रम में गुड समेरिटन योजना के तहत रांची में सिल्ली थाना क्षेत्र के तीन और मांडर थाना क्षेत्र के चार व्यक्तियों को पुरस्कार देने की घोषणा की गई।

डीसी ने सभी अंचलों और थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के गुड समेरिटन से संबंधित रिपोर्ट जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं।

रिंग रोड पर CCTV और अवैध खनन की GPS मैपिंग

ट्रैफिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए डीसी ने रिंग रोड के सभी कट्स पर CCTV कैमरे लगाने का आदेश दिया, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

वहीं अवैध खनन के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों की GPS मैपिंग कर खनन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।