शराब घोटाला मामले में पूर्व उत्पाद आयुक्त IAS अमीत कुमार से ACB ने की पूछताछ

शराब घोटाला मामले में पूर्व उत्पाद आयुक्त IAS अमीत कुमार से ACB ने की पूछताछ

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 06, 2025, 1:17:00 PM

झारखंड में शराब घोटाले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को पूर्व उत्पाद आयुक्त और IAS अधिकारी अमीत कुमार से लंबी पूछताछ की। एसीबी ने उन्हें आगामी सोमवार को फिर से उपस्थित होने का नोटिस दिया है। अमीत कुमार झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JSBCL) के एमडी भी रह चुके हैं और वर्तमान में वाणिज्यकर आयुक्त के पद पर तैनात हैं।

कांड संख्या 09/2025 पर पूछे गए सवाल
पूछताछ के दौरान एसीबी अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ मॉडल पर आधारित नई उत्पाद नीति, शराब घोटाले से जुड़े प्रकरण और नीति लागू होने की प्रक्रिया पर विस्तृत सवाल किए। अमीत कुमार ने स्पष्ट किया कि एसीबी जिस केस (कांड संख्या 09/2025) की जांच कर रही है, वह उनके कार्यकाल के एक वर्ष बाद का है। वे 4 अगस्त 2021 से 10 जुलाई 2022 तक उत्पाद आयुक्त रहे थे और मई 2022 में नीति में बदलाव हुआ था। इसलिए बाद में हुए घटनाक्रमों की जानकारी उनके पास नहीं है।

वे शुक्रवार सुबह 11 बजे एसीबी दफ्तर पहुंचे और शाम 5 बजे तक जांच टीम के सवालों का जवाब देते रहे।

तत्कालीन विभागीय सचिव से जुड़े सवालों पर भी हुई पूछताछ
एसीबी ने पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे से संबंधित कई प्रश्न भी पूछे। जांच टीम ने यह जानने की कोशिश की कि छत्तीसगढ़ की प्लेसमेंट एजेंसियों, शराब आपूर्ति कंपनियों और होलोग्राम सप्लायर को झारखंड में अनुबंध कैसे मिले और इसमें विभागीय सचिव की क्या भूमिका रही। इसके साथ ही यह भी पूछा गया कि सचिव स्तर के अधिकारियों का अपने अधीनस्थ अधिकारियों पर कितना और किस प्रकार का दबाव होता है।

अमीत कुमार ने इन सवालों के जवाब देकर एसीबी को संतुष्ट करने का प्रयास किया।

छत्तीसगढ़ मॉडल पर नीति लागू करने की प्रक्रिया स्पष्ट की
उत्पाद नीति को छत्तीसगढ़ मॉडल पर लागू करने के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगा गया। पूर्व आयुक्त ने बताया कि नीति का प्रस्ताव भले ही सचिव और आयुक्त स्तर पर तैयार हुआ हो, लेकिन अंतिम मंजूरी कैबिनेट और सरकार ने दी थी। अलग-अलग विभागों की स्वीकृति मिलने के बाद ही यह नीति लागू की गई।

कारोबारी राजेंद्र जायसवाल से रिमांड पर पूछताछ पूरी
उधर, घोटाले में शामिल बताए जा रहे छत्तीसगढ़ के कारोबारी राजेंद्र उर्फ चुन्नू जायसवाल की रिमांड अवधि शुक्रवार को समाप्त हो गई। इसके बाद उसे फिर से रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। बिलासपुर निवासी राजेंद्र जायसवाल वेलकम डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है और उस पर पिछली नीति के दौरान देसी शराब आपूर्ति के ठेके में अनियमितताओं का आरोप है। उसकी कंपनी द्वारा सप्लाई की गई शराब में गंदगी और शीशा मिलने की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं।