अब IMEI बदलने से भी नहीं बचेंगे मोबाइल चोर, पुलिस अधिकारियों को सिखाई जाएगी नई ट्रैकिंग तकनीक

अब IMEI बदलने से भी नहीं बचेंगे मोबाइल चोर, पुलिस अधिकारियों को सिखाई जाएगी नई ट्रैकिंग तकनीक

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 07, 2026, 10:05:00 AM

झारखंड में मोबाइल फोन चोरी और गुम होने की लगातार बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राज्य पुलिस ने अब टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी दिशा में पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्यभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने का निर्देश जारी किया गया है। इसका उद्देश्य चोरी या लापता मोबाइल फोन की पहचान और बरामदगी की प्रक्रिया को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है।

पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय ने सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को भेजे गए निर्देश में बताया है कि सात मई को एक राज्यस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण ‘सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर’ (CEIR) पोर्टल के इस्तेमाल से जुड़ी प्रक्रियाओं पर आधारित होगा।

यह कार्यक्रम दूरसंचार विभाग के बिहार लाइसेंस सर्विस एरिया (LSA) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसमें जिला स्तर पर तैनात पुलिस अधिकारी, साइबर सेल कर्मी और अनुसंधानकर्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया जाएगा कि CEIR प्लेटफॉर्म का उपयोग कर चोरी या गुम हुए मोबाइल उपकरणों को कैसे ट्रैक और ब्लॉक किया जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल चोरी के मामलों में अपराधी अक्सर फोन का IMEI नंबर बदलने या नया सिम कार्ड डालकर डिवाइस का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के सामने मोबाइल तक पहुंच बनाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। CEIR प्रणाली इस समस्या से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस पोर्टल के जरिए किसी मोबाइल को ब्लॉक किए जाने के बाद वह किसी भी मोबाइल नेटवर्क पर सक्रिय नहीं हो पाता। साथ ही, यदि उस डिवाइस में दोबारा कोई सिम कार्ड इस्तेमाल किया जाता है, तो उसकी जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंच जाती है। इससे पुलिस को चोरी हुए मोबाइल की लोकेशन और उपयोगकर्ता तक पहुंचने में सहायता मिलती है।

राज्य पुलिस का मानना है कि इस तकनीकी प्रशिक्षण के बाद मोबाइल चोरी से जुड़े मामलों की जांच अधिक तेज, सटीक और परिणामकारी हो सकेगी। साथ ही आम लोगों को भी अपने खोए या चोरी हुए मोबाइल वापस मिलने की संभावना बढ़ेगी।