अब बिजली समस्या का होगा त्वरित समाधान, JBVNL ने जारी किया नया हेल्पलाइन नंबर

अब बिजली समस्या का होगा त्वरित समाधान, JBVNL ने जारी किया नया हेल्पलाइन नंबर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 20, 2026, 12:01:00 PM

झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं को होने वाली परेशानियों के समाधान के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने नई व्यवस्था लागू की है। निगम ने उपभोक्ताओं की शिकायतों का तेजी से निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “जन समस्या निवारण केंद्र” की शुरुआत की है। इसके साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए 9031110120 नंबर जारी किया गया है, जिस पर लोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक संपर्क कर सकेंगे।

निगम के अनुसार इस नई सुविधा के जरिए बिजली आपूर्ति से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को सीधे दर्ज कराया जा सकेगा। उपभोक्ता बिजली बिल में त्रुटि, ट्रांसफॉर्मर खराब होने, लो वोल्टेज, बिजली कटौती, जर्जर तारों और अन्य तकनीकी दिक्कतों की शिकायत फोन के माध्यम से या केंद्र पर पहुंचकर कर सकते हैं।

रांची के डोरंडा स्थित कुसई कॉलोनी में इस केंद्र को स्थापित किया गया है। शिकायतों की निगरानी और त्वरित कार्रवाई के लिए यहां विशेष टीम बनाई गई है। केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों सहित कई कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो शिकायतों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर समाधान की प्रक्रिया को तेज करेंगे।

नई व्यवस्था को लेकर लोगों में उत्साह भी देखने को मिला। JBVNL अधिकारियों के मुताबिक केंद्र के संचालन के पहले ही दिन करीब 100 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें बिजली आपूर्ति बाधित होने, गलत बिलिंग और बिजली लाइन से जुड़ी तकनीकी समस्याएं प्रमुख रहीं। निगम का दावा है कि इनमें से लगभग 30 प्रतिशत मामलों का उसी दिन समाधान कर दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि शिकायत दर्ज करने का समय आम उपभोक्ताओं, खासकर नौकरीपेशा लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तय किया गया है। लोग सुबह काम पर जाने से पहले या देर शाम घर लौटने के बाद भी अपनी समस्या दर्ज करा सकें, इसलिए सेवा का समय लंबा रखा गया है। भविष्य में इसे चौबीसों घंटे संचालित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।

JBVNL ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई हेल्पलाइन शुरू होने के बावजूद पहले से जारी सेवा नंबर बंद नहीं किए जाएंगे। उपभोक्ता 1912 और 1800-345-6570 समेत अन्य पुराने नंबरों का भी उपयोग कर सकेंगे। निगम का कहना है कि बढ़ते उपभोक्ता आधार को देखते हुए शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।