रांची स्थित कांके रोड पर मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज एक विशेष मुलाकात हुई, जहां ट्रिपल आईटी, रांची में पीएचडी के लिए चयनित सविता कच्छप ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भेंट की। मुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदाय से आने वाली इस युवा शोधार्थी को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सविता कच्छप की पीएचडी पढ़ाई को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से दो लाख रुपये की सहायता राशि का चेक उनके परिजन को सौंपा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग करती रहेगी।
सविता कच्छप ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वे रांची के डूंगरी टोली, अरगोड़ा की निवासी हैं और वर्तमान में मधुकम में अपनी नानी के घर रहकर अध्ययन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 24 वर्ष की आयु में उनका ट्रिपल आईटी, रांची में इलेक्ट्रिकल कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विषय में पीएचडी कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है, जिससे वे आदिवासी समुदाय की सबसे कम उम्र की पीएचडी शोधार्थी बन गई हैं।
उन्होंने यह भी साझा किया कि वे तकनीकी क्षेत्र में आदिवासी समाज से पहली रिसर्च स्कॉलर हैं और अपनी शोध क्षमता का परिचय देते हुए IEEE मंच पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का नवीन शोध कार्य प्रस्तुत कर चुकी हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सविता कच्छप का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि वे पूरे मनोयोग से अपनी पढ़ाई और अनुसंधान कार्य जारी रखें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी शैक्षणिक यात्रा में हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार रहेगी। इस मौके पर सविता कच्छप के परिजन और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।