थैलेसीमिया पीड़ित बच्ची के लिये पुलिस जवान बना जीवनदाता, समय पर रक्त देकर बचाई जान

थैलेसीमिया पीड़ित बच्ची के लिये पुलिस जवान बना जीवनदाता, समय पर रक्त देकर बचाई जान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 31, 2026, 4:49:00 PM

सिमडेगा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो वर्दी के भीतर छिपी संवेदना और इंसानियत को उजागर करती है। जिले के एक पुलिस जवान ने समय पर रक्तदान कर थैलेसीमिया से जूझ रही 9 वर्षीय बच्ची की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई और समाज के सामने कर्तव्य से बढ़कर सेवा का उदाहरण पेश किया।

पिथरा नवाटोली निवासी बिनोद कुल्लू की बेटी रोनिका कुल्लू गंभीर बीमारी थैलेसीमिया से पीड़ित है। इलाज के दौरान उसे तत्काल ओ-पॉजिटिव (O+) रक्त की जरूरत पड़ी। परिजनों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन ब्लड बैंक में इस ब्लड ग्रुप की उपलब्धता नहीं हो सकी। हालात बिगड़ते देख, एक सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से परिजनों ने पुलिस अधीक्षक श्रीकांत खोट्रे से सहायता की गुहार लगाई।

मामले की गंभीरता को समझते हुए एसपी श्रीकांत खोट्रे ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके आदेश पर पुलिस विभाग में ओ-पॉजिटिव रक्त समूह वाले जवानों की पहचान शुरू की गई। इसी दौरान अपर समाहर्ता के अंगरक्षक के रूप में तैनात आरक्षी संख्या 502, देव कुमार दास की जानकारी सामने आई।

बच्ची की नाजुक स्थिति से अवगत कराए जाने पर आरक्षी देव कुमार दास ने बिना किसी हिचक के स्वेच्छा से रक्तदान के लिए हामी भर दी। वे तुरंत सदर अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचे और रक्तदान किया। उनके इस समय पर किए गए सहयोग से रोनिका का उपचार संभव हो सका और उसकी जान बचाई जा सकी।

आरक्षी के इस निस्वार्थ कदम ने सिमडेगा पुलिस की मानवीय छवि को और मजबूत किया है। पुलिस प्रशासन ने उनके इस सराहनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। यह घटना साबित करती है कि कानून की रक्षा के साथ-साथ सिमडेगा पुलिस समाज के प्रति संवेदनशील जिम्मेदारी भी पूरी कर रही है।