झारखंड में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम, CM हेमन्त सोरेन ने तय किए रोडमैप

झारखंड में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम, CM हेमन्त सोरेन ने तय किए रोडमैप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 29, 2026, 6:49:00 PM

रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य में विज्ञान, शोध, तकनीक और नवाचार को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि झारखंड के समग्र विकास में विज्ञान और तकनीक की भूमिका को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रतिभाशाली युवाओं और प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि जरूरी है कि इन क्षमताओं को सही दिशा और संस्थागत समर्थन मिले। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि युवाओं, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को नवाचार से जोड़कर एक आधुनिक और भविष्य-उन्मुख शैक्षणिक वातावरण तैयार किया जाएगा।

परिषद के माध्यम से विज्ञान और तकनीक के प्रसार, अनुसंधान को बढ़ावा देने और नवाचार संस्कृति को विस्तार देने के उपायों पर विस्तार से विचार किया गया। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों, शोध संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और झारखंड ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणाम-आधारित बनाया जाए और उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में स्टार्टअप, रिसर्च और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विज्ञान और नवाचार को समाज और शासन की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाना चाहिए।

बैठक में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के सभी 24 जिलों तक पहुंचाने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे खासकर छात्रों को विज्ञान को समझने और उससे जुड़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की पहलें वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में कारगर साबित होती हैं।

कृषि क्षेत्र में तकनीकी और यांत्रिक नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया, ताकि खेती को अधिक आधुनिक, सरल और उत्पादक बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने साइंस सिटी को केवल बच्चों तक सीमित न रखते हुए हर आयु वर्ग के लिए आकर्षक और प्रेरणादायक बनाने की बात कही।

इसके अलावा, राज्य के विभिन्न जिलों में बन रहे साइंस सेंटर और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को देश के प्रमुख साइंस सिटी और तारामंडलों का शैक्षणिक भ्रमण कराने की योजना पर भी जोर दिया गया, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जिज्ञासा का विकास हो सके।

बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक विकास मुंडा, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और वैज्ञानिक समुदाय से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।