रांची एयरपोर्ट पर टली बड़ी अनहोनी, इंडिगो विमान की आपात लैंडिंग से मचा हड़कंप

रांची एयरपोर्ट पर टली बड़ी अनहोनी, इंडिगो विमान की आपात लैंडिंग से मचा हड़कंप

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 13, 2025, 1:21:00 PM

रांची के भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर शुक्रवार रात एक बड़ा विमान हादसा होते-होते रह गया। इंडिगो की फ्लाइट 6E-7361 को तकनीकी कारणों के चलते सामान्य से अधिक झटके के साथ रनवे पर उतारना पड़ा, जिससे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, पायलट की सतर्कता और अनुभव के कारण सभी 75 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।

लैंडिंग के दौरान आई तकनीकी परेशानी

एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, संबंधित विमान निर्धारित समय से देरी से रात करीब 8:30 बजे रांची पहुंचा था। लैंडिंग के वक्त विमान में कुछ तकनीकी असामान्यता सामने आई, जिसके चलते पायलट ने एहतियातन हार्ड लैंडिंग का फैसला लिया। एयरपोर्ट निदेशक विनोद कुमार ने बताया कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और विमान को भी बाहरी तौर पर कोई नुकसान नहीं दिखा।

उन्होंने बताया कि रनवे पर सुरक्षित उतरने के बाद विमान को एप्रन रैंप से जोड़ा गया, जिसके बाद यात्रियों ने राहत महसूस की। अधिकारियों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में सुरक्षा के लिहाज से हार्ड लैंडिंग जरूरी हो जाती है, जिसके बाद विमान की गहन तकनीकी जांच की जाती है।

उड़ान रद्द, यात्रियों को वैकल्पिक इंतजाम

लैंडिंग के बाद की जांच में विमान को अगली उड़ान के लिए सुरक्षित नहीं पाया गया। इसी विमान से रांची से भुवनेश्वर जाने वाली उड़ान प्रस्तावित थी, जिसके लिए कई यात्री पहले से एयरपोर्ट पर मौजूद थे। तकनीकी जांच के चलते उड़ान में देरी होती रही और अंततः रात करीब 9:40 बजे यह घोषणा कर दी गई कि विमान उड़ान भरने की स्थिति में नहीं है।

दूसरा विमान उपलब्ध न होने के कारण यात्रियों में नाराजगी देखी गई। स्थिति को संभालते हुए इंडिगो प्रबंधन ने यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था की। वहीं, लगभग 35 यात्रियों को सड़क मार्ग से कार द्वारा भुवनेश्वर भेजा गया।

मरम्मत के लिए आएगी विशेषज्ञ टीम

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, विमान की मरम्मत और विस्तृत जांच के लिए दिल्ली से इंजीनियरों की एक विशेष टीम रांची पहुंचेगी। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति दी जाएगी।

इस पूरी घटना में किसी प्रकार की जनहानि न होना पायलट और एयरपोर्ट प्रशासन की तत्परता का परिणाम माना जा रहा है।