रांची में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा के माध्यम से चयनित 1910 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीति का केंद्र हमेशा से युवाओं को रोजगार से जोड़ना रहा है और यह प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी। उनके अनुसार, वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों के लिए यह दिन नई शुरुआत लेकर आया है।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नियुक्ति प्राप्त करने वाली महिलाओं से मंईयां सम्मान योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को अब स्थायी सरकारी नौकरी मिल गई है, वे यदि स्वेच्छा से इस योजना का लाभ छोड़ती हैं तो इससे जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाना आसान होगा और योजना का उद्देश्य और अधिक प्रभावी रूप से पूरा हो सकेगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर परोक्ष हमला करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कई बार कानूनी, तकनीकी और राजनीतिक अड़चनें डाली गईं। बावजूद इसके सरकार अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटी। उन्होंने कहा कि स्पष्ट इरादों और निरंतर प्रयासों से यह सिद्ध हुआ है कि लंबे समय से लंबित भर्तियों को भी पूरा किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले लगभग दस वर्षों में कई बार भर्तियां अटकने से युवाओं में हताशा फैली थी। लेकिन आज नियुक्ति पत्र मिलने से न केवल रोजगार का अवसर मिला है, बल्कि व्यवस्था पर लोगों का डगमगाया विश्वास भी फिर से मजबूत हुआ है। मुख्यमंत्री ने इसे सामान्य भर्ती प्रक्रिया से आगे बढ़कर “विश्वास बहाली” की पहल बताया।
नए साल से ठीक पहले मिली यह नियुक्ति चयनित युवाओं के लिए यादगार तोहफा साबित हुई है। मजदूर, किसान और मध्यमवर्गीय परिवारों से आए युवाओं के लिए यह नौकरी सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और स्थिर भविष्य का प्रतीक बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी युवाओं के हित में निर्णय लेती रहेगी और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर लगातार काम करती रहेगी।