आपकी विकास पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाक़ात, विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

आपकी विकास पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाक़ात, विभिन्न मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 09, 2026, 3:02:00 PM

झारखंड की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर आपकी विकास पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को केंद्रीय अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा के नेतृत्व में राज्यपाल से मिला और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में शिक्षा, नियुक्ति प्रक्रिया, संवैधानिक विषयों और स्थानीय विकास से जुड़े कई मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

ज्ञापन में पार्टी ने बताया कि राज्य में पिछले दो वर्षों से छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान नहीं हो रहा है, जिससे उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसे गंभीर समस्या बताते हुए जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने JPSC सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को समय पर पूर्ण कराने पर भी जोर दिया। साथ ही JPSC परीक्षार्थियों को तीन वर्ष की आयु सीमा में छूट देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

पार्टी ने राज्य में मॉब लिंचिंग के खिलाफ अब तक कानून नहीं बनाए जाने पर चिंता जताई और इसे कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय बताया। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों से संबंधित नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। पार्टी ने कहा कि पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री के विभागीय आदेश के बावजूद संबंधित नीतियों को अब तक लागू नहीं किया गया है।

शिक्षा से जुड़े एक अन्य अहम मुद्दे में पार्टी ने 543 उर्दू विद्यालयों को सामान्य विद्यालयों में परिवर्तित करने के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की। वहीं, उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद JSSC द्वारा 2016 की उच्च विद्यालय शिक्षक बहाली प्रक्रिया पूरी नहीं किए जाने को भी लापरवाही करार दिया गया।

ज्ञापन में कोडरमा के विकास को भी विशेष रूप से उठाया गया। पार्टी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध ‘अभ्रक नगरी’ कोडरमा में खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और विकास के लिए अब तक किसी विशेष ‘अभ्रक बोर्ड’ का गठन नहीं किया गया है, जबकि यह क्षेत्र की जरूरत है।

इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा ने कहा कि झारखंड का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इन मुद्दों पर हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित कराएं, ताकि छात्रों, शिक्षकों और आम जनता को न्याय मिल सके।