झारखंड के चतरा जिले के कुंडा थाना अंतर्गत गेंद्रा गांव में प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी से जुड़े लोगों के बीच आपसी गोलीबारी की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस मुठभेड़ में संगठन के पूर्व शीर्ष कमांडर देवेंद्र गंझू और उसका एक सहयोगी चुरामन गंझू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम भोक्ता और उसका साला गोपाल भोक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
घटना के बाद घायल गोपाल भोक्ता को तत्काल इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सिमरिया के एसडीपीओ शुभम खंडेवाला ने फायरिंग की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।
रात में घर पहुंचने के बाद भड़का विवाद
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात देवेंद्र गंझू अपने कुछ साथियों के साथ कुंडा थाना क्षेत्र के गेंद्रा गांव में श्याम भोक्ता और उसके साले गोपाल भोक्ता के घर पहुंचा था। बातचीत के दौरान किसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हो गई, जो देखते ही देखते गोलीबारी में बदल गई। इसी दौरान देवेंद्र गंझू और चुरामन गंझू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम और गोपाल को गंभीर चोटें आईं।
लंबा आपराधिक इतिहास और एनआईए जांच से जुड़ा मामला
देवेंद्र गंझू टीएसपीसी का शीर्ष कमांडर रह चुका था और उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थानों में करीब 36 संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं श्याम भोक्ता कुछ समय पहले ही एनआईए से जुड़े एक मामले में जेल से रिहा हुआ था, जिसकी जांच अब भी एनआईए कर रही है।
ग्रामीणों ने बताई फायरिंग की वजह
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हाल ही में पलामू के पांकी इलाके में टीएसपीसी से जुड़ी हथियार फैक्ट्री के भंडाफोड़ के बाद संगठन के भीतर तनाव बढ़ गया था। ग्रामीणों के अनुसार अफीम के पैसों और पुराने लेवी की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ, जो इस खूनी टकराव की वजह बना। पुलिस ने इस मामले में घायल गोपाल भोक्ता से भी पूछताछ की है।
फिलहाल इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।