पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में दशकों पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। झींकपानी थाना क्षेत्र में एक युवक पर तीर-धनुष से हमला करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी भगवान बिरुली उर्फ दोपे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए तीर और धनुष भी बरामद किए हैं। मामले की जानकारी मंगलवार को सदर एसडीपीओ बहामन टूटी ने प्रेस को दी।
घटना 9 मई की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार टंकी बांदा इलाके के पास बेतिया गांव निवासी चुइया बिरुली पर अचानक तीरों से हमला किया गया। आरोपी ने लगातार कई तीर चलाए, जिनमें से तीन तीर युवक को जा लगे। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने घायल को तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर से दो तीर निकाले। एक तीर घायल ने स्वयं निकाल लिया था। चिकित्सकों ने फिलहाल उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
घायल के बयान के आधार पर झींकपानी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित रेणु के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। प्रशिक्षु आईपीएस एवं थाना प्रभारी राजकुमार जेयराजू तथा एसडीपीओ बहामन टूटी की निगरानी में पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और सोमवार देर शाम चिड़िया पहाड़ी गांव से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने हमले की बात स्वीकार कर ली। जांच में सामने आया कि आरोपी के पिता लागो बिरुली की हत्या वर्ष 1995 में हुई थी। हाल ही में उसे जानकारी मिली थी कि उस पुराने मामले में चुइया बिरुली और कुछ अन्य लोगों का नाम सामने आया था। इसी बात को लेकर उसके मन में बदले की भावना पैदा हुई और उसने हमले की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चुइया बिरुली को निशाना बनाकर करीब 20 तीर चलाए थे। इनमें से तीन तीर सीधे उसे लगे। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हथियार भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना इस बात का उदाहरण है कि वर्षों पुरानी दुश्मनी भी किस तरह गंभीर अपराध का कारण बन सकती है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।