झारखंड के चतरा जिले में पिछले महीने हुए एयर एंबुलेंस हादसे से जुड़ा एक अहम सुराग सामने आया है। दुर्घटना के लगभग तीन सप्ताह बाद स्थानीय ग्रामीणों ने जंगल से विमान का इंजन बरामद किया है, जिससे हादसे के कारणों की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार सिमरिया थाना क्षेत्र के कासियतू करमटांड के पास स्थित पत्थर पनिया जंगल में रविवार को कुछ ग्रामीण महुआ चुनने गए थे। इसी दौरान उन्हें जंगल में विमान के मलबे का एक बड़ा हिस्सा दिखाई दिया। पास जाकर देखने पर यह विमान का इंजन निकला। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सिमरिया पुलिस को दी।
सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इंजन को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित कर लिया। पुलिस ने आसपास के इलाके को भी घेराबंदी कर सुरक्षित कर दिया है।
विशेष बात यह है कि यह इंजन उस स्थान से करीब एक किलोमीटर दूर मिला है, जहां 23 फरवरी को एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इतनी दूरी पर इंजन का मिलना हादसे की तीव्रता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि इस दुर्घटना में पायलट सहित कुल सात लोगों की जान चली गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि बरामद इंजन की तकनीकी जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि विमान में कोई यांत्रिक खराबी थी या दुर्घटना के पीछे कोई अन्य कारण था।
फिलहाल पुलिस ने बरामद हिस्से को सुरक्षित रख लिया है और मामले की आगे की जांच के लिए विशेषज्ञों और उच्च स्तरीय जांच दल के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है।