17 साल बाद खत्म होगी मारवाड़ी कॉलेज की स्वायत्त व्यवस्था, फिर रांची यूनिवर्सिटी के अधीन चलेगा संस्थान

17 साल बाद खत्म होगी मारवाड़ी कॉलेज की स्वायत्त व्यवस्था, फिर रांची यूनिवर्सिटी के अधीन चलेगा संस्थान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 20, 2026, 1:20:00 PM

रांची के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शामिल मारवाड़ी कॉलेज आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्वायत्त संस्थान के रूप में कार्य नहीं करेगा। लंबे समय से ऑटोनॉमस मॉडल पर संचालित हो रहा यह कॉलेज अब दोबारा रांची यूनिवर्सिटी की नियमित शैक्षणिक व्यवस्था के अंतर्गत आ जाएगा। इस बदलाव का असर कॉलेज के हजारों विद्यार्थियों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

स्वायत्त दर्जा समाप्त होने के बाद परीक्षा संचालन, पाठ्यक्रम निर्धारण, मूल्यांकन प्रक्रिया, रिजल्ट प्रकाशन और अकादमिक कैलेंडर से जुड़े सभी अधिकार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन के पास चले जाएंगे। अब कॉलेज अपने स्तर पर परीक्षा आयोजित करने या सिलेबस में स्वतंत्र बदलाव करने में सक्षम नहीं रहेगा। इसी कारण छात्रों और अभिभावकों के बीच भविष्य की शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ने लगी है।

मारवाड़ी कॉलेज को वर्ष 2009 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से स्वायत्त संस्थान का दर्जा प्राप्त हुआ था। इसके बाद कॉलेज ने अपनी अलग परीक्षा प्रणाली लागू की और समय-समय पर पाठ्यक्रमों में बदलाव करते हुए रोजगार आधारित तथा प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए। निर्धारित समय पर परीक्षा और शीघ्र परिणाम जारी करने की व्यवस्था के कारण कॉलेज ने राज्य में एक अलग पहचान बनाई थी।

हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब कॉलेज का ऑटोनॉमस स्टेटस समाप्त हो रहा है। इससे पहले 2021 में भी स्वायत्तता खत्म होने के बाद परीक्षा और रिजल्ट संबंधी प्रक्रियाएं पूरी तरह रांची यूनिवर्सिटी के अधीन चली गई थीं। उस दौरान शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ था और परिणाम जारी होने में देरी की शिकायतें सामने आई थीं। बाद में दोबारा स्वायत्त दर्जा मिलने पर कॉलेज प्रशासन ने सत्र को नियमित करने और परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया था।

अब फिर से पुराने ढांचे में लौटने की खबर के बाद विद्यार्थियों के बीच अनिश्चितता का माहौल है। प्रतियोगी परीक्षाओं, प्लेसमेंट और उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को आशंका है कि यदि परीक्षा और रिजल्ट में देरी हुई तो इसका असर उनके करियर पर पड़ सकता है। अभिभावकों ने भी समय पर शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

फिलहाल कॉलेज प्रबंधन और रांची यूनिवर्सिटी की आगामी रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है, क्योंकि आने वाले समय में इसी के आधार पर छात्रों की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित होगी।