करीब डेढ़ दशक पुराने एक सड़क अवरोध प्रकरण में सोमवार को एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने पोड़ैयाहाट से कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव को भारतीय दंड संहिता की धारा 225 के तहत दोषसिद्ध माना और उन्हें एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। हालांकि, निर्णय के तुरंत बाद अदालत ने विधायक को राहत भी प्रदान की। उन्हें सशर्त जमानत दे दी गई, जिसके चलते फिलहाल उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा और वे कानूनी प्रक्रिया के दौरान बाहर रह सकेंगे। यह मामला लगभग 16 वर्ष पूर्व हुए सड़क जाम से संबंधित था, जिसमें सार्वजनिक मार्ग को बाधित करने के आरोप लगाए गए थे। इस प्रकरण में कई अन्य लोग भी आरोपी बनाए गए थे। अदालत ने सुनवाई के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद पाया कि पूर्व भाजपा विधायक रणधीर सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसी आधार पर सभी सह-आरोपियों को बरी कर दिया गया।