झारखंड में मुहर्रम के मद्देनज़र राज्य पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान राज्यभर में 10 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें भारतीय रिजर्व बटालियन (IRB), जिला पुलिस बल और होम गार्ड के जवान शामिल रहेंगे।
पुलिस मुख्यालय के आदेश के अनुसार, 5,850 होम गार्ड जवानों को चार दिनों की विशेष ड्यूटी के लिए बुलाया जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों को आवश्यक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। राज्य के सभी 24 जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल उपलब्ध कराया जाएगा ताकि पर्व के दौरान शांति और सौहार्द बना रहे।
संवेदनशील जिलों को प्राथमिकता देते हुए राजधानी रांची और जमशेदपुर में सबसे अधिक 500-500 होम गार्ड जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा गिरिडीह में 400, हजारीबाग में 350 तथा धनबाद, बोकारो, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में 300-300 अतिरिक्त जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। पुलिस मुख्यालय ने सभी क्षेत्रीय आईजी, डीआईजी, एसएसपी और एसपी को स्थानीय स्तर पर सुरक्षा इंतजामों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है। सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने सभी थाना क्षेत्रों में समय रहते शांति समिति की बैठकें आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। यदि किसी इलाके में पहले से कोई विवाद या संभावित तनाव की स्थिति हो, तो दोनों पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर उसका समाधान पहले ही निकालने पर जोर दिया गया है।
किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। साथ ही, जिन लोगों का नाम पहले सांप्रदायिक तनाव या दंगा जैसी घटनाओं में सामने आ चुका है और जिनसे भविष्य में भी शांति भंग होने की आशंका है, उनके खिलाफ आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। व्हाट्सएप ग्रुप, फेसबुक समेत अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ सामग्री की लगातार मॉनिटरिंग होगी। आपत्तिजनक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके अलावा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के सभी जुलूस केवल पूर्व निर्धारित और स्वीकृत मार्गों से ही निकाले जाएंगे। बिना अनुमति किसी नए रूट का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि जुलूस तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संचालित हों, जिससे पूरे राज्य में पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।