झारखंड के रामगढ़ जिले में अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे व्यापक और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिला पुलिस, प्रशासन, वन विभाग और सीसीएल (CCL) की संयुक्त टीम ने एक संगठित अभियान चलाकर वर्षों से सक्रिय अवैध खनन नेटवर्क पर निर्णायक चोट की है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अजय कुमार और जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों के अनुसार, केदला नंबर-06 स्थित झारखंड ओसीपी क्षेत्र में लंबे समय से रात के समय अवैध उत्खनन और कोयले की तस्करी की गतिविधियां जारी थीं। वेस्ट बोकारो थाना को इसकी सूचना मिलने के बाद मामला उच्च स्तर तक पहुंचाया गया, जिसके बाद व्यापक अभियान की योजना बनाई गई।
जिला स्तरीय खनन टास्कफोर्स की बैठक में उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के निर्देश पर अवैध खनन के मुख्य प्रवेश बिंदु को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पहले 25 स्थानों पर ड्रिलिंग की गई और फिर करीब 1250 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का उपयोग कर नियंत्रित विस्फोट किया गया।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किए गए इस ‘कंट्रोल ब्लास्ट’ ने पूरे इलाके को हिला दिया। विस्फोट के बाद अवैध खनन के रास्ते पूरी तरह ध्वस्त हो गए और तस्करी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे मार्ग मलबे में तब्दील हो गए। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों के केंद्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
ऑपरेशन के दौरान पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लिया गया था, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। विस्फोट के बाद इलाके में सक्रिय तस्करों के बीच डर का माहौल देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अवैध खनन और तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी ऐसे अभियानों के जरिए इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाने की दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी।