पलामू में जल संकट गहराया, 3 हजार से अधिक चापाकल बेकार

पलामू में जल संकट गहराया, 3 हजार से अधिक चापाकल बेकार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 28, 2026, 3:25:00 PM

पलामू जिले में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर राज्य सरकार ने सक्रिय रुख अपनाया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सोमवार को परिसदन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर हालात का जायजा लिया और तत्काल समाधान के निर्देश जारी किए।

बैठक के दौरान प्रस्तुत आंकड़ों ने स्थिति की गंभीरता उजागर कर दी। जिले में मौजूद 27 हजार से अधिक चापाकलों में से 1,370 पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं, जबकि 2,017 चापाकल राइजिंग पाइप के क्षतिग्रस्त होने के कारण उपयोग में नहीं हैं। इसके अलावा, भूजल स्तर 55 से 60 फीट तक नीचे खिसक जाने से समस्या और जटिल हो गई है।

समस्या के समाधान के लिए सरकार ने वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। मंत्री ने बताया कि जिले को अनाबद्ध निधि से 1 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका उपयोग खराब चापाकलों की मरम्मत में किया जाएगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड का भी इस्तेमाल मरम्मत कार्य और आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए किया जाए।

जनभागीदारी और त्वरित सूचना प्रणाली को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। हर पंचायत में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर चापाकल मिस्त्री और संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित होंगे, ताकि खराब चापाकलों की सूचना तुरंत दी जा सके। इसके अलावा, मरम्मत कार्य को गति देने के लिए 17 विशेष वाहन तैनात किए जाएंगे, जिनमें जरूरी उपकरण मौजूद रहेंगे और मौके पर ही खराब चापाकलों को दुरुस्त किया जा सकेगा।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए चापाकलों की स्थापना की योजना भी बनाई गई है। मंत्री के अनुसार, प्रत्येक प्रखंड में विधायकों की अनुशंसा पर 20-20 नए चापाकल लगाए जाएंगे। पलामू के 21 प्रखंडों में इस योजना के तहत कुल 420 नए चापाकल स्थापित किए जाएंगे, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।