पलामू : रामपुर में तनाव के बीच प्रशासन सख्त, 30 जून तक निषेधाज्ञा लागू

पलामू : रामपुर में तनाव के बीच प्रशासन सख्त, 30 जून तक निषेधाज्ञा लागू

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 03, 2026, 1:36:00 PM

चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर गांव में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) सुलोचना मीणा ने गांव में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करते हुए कई प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह आदेश 3 जून से 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा।

प्रशासन के अनुसार, कुछ दिन पहले रामपुर में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव हुआ था। इस घटना में पांच लोग घायल हुए थे। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों से जुड़े 17 नामजद तथा 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

हालांकि प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई के बावजूद प्रशासन को सूचना मिली कि कुछ लोग सोशल मीडिया के माध्यम से माहौल को फिर से तनावपूर्ण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य डिजिटल मंचों पर कथित तौर पर भड़काऊ सामग्री, ऑडियो संदेश और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं, जिससे गांव में सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि घटना के बाद दोनों पक्षों के कुछ लोग लगातार बैठकें कर रहे हैं। पुलिस को जानकारी मिली थी कि 5 जून को एक बड़े जमावड़े की तैयारी चल रही है, जिसमें सैकड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी। प्रशासन को आशंका थी कि ऐसी गतिविधियों से क्षेत्र में दोबारा तनाव या किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

चैनपुर थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने एहतियाती आदेश जारी किया है। इसके तहत गांव में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई है। समूह बनाकर चलने, सार्वजनिक रूप से हथियार या लाठी लेकर घूमने तथा शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा।

इसके साथ ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या उकसावे वाली सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। ऐसे मामलों में संबंधित ग्रुप एडमिन की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक शांति को ध्यान में रखते हुए रात 10 बजे से सुबह 8 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर भी रोक लगाई है।

अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति, सौहार्द और सामान्य स्थिति बनाए रखना है। प्रशासन और पुलिस संयुक्त रूप से गांव की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं तथा लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और कानून का पालन करने की अपील की गई है।