पलामू में सोना-चांदी चमकाने के बहाने ठगी! अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्य धराये

पलामू में चांदी-सोना चमकाने के बहाने ठगी! अंतरराज्यीय गिरोह के छह सदस्य धराये

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 03, 2026, 3:37:00 PM

झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने आभूषणों की सफाई के नाम पर लोगों को निशाना बनाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सभी आरोपी बिहार के सुपौल जिले के निवासी हैं और वे विभिन्न जिलों में घूम-घूमकर इस तरह की वारदातों को अंजाम देते थे।

मामला नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के हुल्सी गांव का है। यहां एक महिला अपने चांदी के गहनों की सफाई कराने के लिए दो युवकों के संपर्क में आई। चांदी के आभूषण साफ करने के बाद महिला ने उनसे अपना सोने का मंगलसूत्र भी साफ करने को दिया। इसी दौरान आरोपियों ने कथित रूप से चालाकी दिखाते हुए मंगलसूत्र की जगह एक कागज में पाउडर लपेटकर महिला को थमा दिया।

हालांकि महिला ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत कागज खोलकर देखा, जिससे ठगी का प्रयास सामने आ गया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को रोका गया और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही नौडीहा बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रिंस कुमार, राहुल कुमार, प्रभु कुमार शाह, रोहन कुमार, अक्षय कुमार और रोहित कुमार शामिल हैं। सभी आरोपी बिहार के सुपौल जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं।

छतरपुर के एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे नेटवर्क की गतिविधियों की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आभूषणों की सफाई का झांसा देकर कीमती गहनों की हेराफेरी करते थे।

नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि आरोपियों के पास से एक विशेष रासायनिक पदार्थ भी बरामद हुआ है। जांच में यह जानकारी मिली है कि चांदी की सफाई के दौरान वे आभूषण का कुछ हिस्सा नुकसान पहुंचाकर उसका वजन कम कर देते थे, जबकि सोने के गहनों को पूरी तरह बदल देने या गायब कर देने की तरकीब अपनाते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह पलामू के अलावा चतरा, हजारीबाग और आसपास के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहा है। आरोपी जिस इलाके में वारदात को अंजाम देते थे, उससे काफी दूरी पर किराए के मकानों में ठहरते थे, ताकि उनकी पहचान और गतिविधियों पर आसानी से नजर न रखी जा सके।

गिरफ्तारी और छापेमारी अभियान में थाना प्रभारी नीरज कुमार, सब-इंस्पेक्टर रोहित चौहान, एएसआई दीपक कुमार, राजेश बैठा सहित कई पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों और पूर्व में हुई घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।