पलामू जिले को पोलियो से पूरी तरह सुरक्षित बनाए रखने के उद्देश्य से चल रहे तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के दूसरे दिन सोमवार को जिला प्रशासन ने अभियान की प्रगति का जमीनी स्तर पर आकलन किया। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत स्वयं मेदिनीनगर के हमीदगंज इलाके पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई। इस दौरान सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने न केवल अभियान की कार्यप्रणाली का जायजा लिया, बल्कि अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें पोलियो से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण और दवा की अहमियत भी समझाई। उन्होंने कहा कि बच्चों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए यह जरूरी है कि पांच वर्ष से कम आयु का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक लेने से वंचित न रहे।
उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग की घर-घर पहुंच रही टीमों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई बच्चा अब तक दवा नहीं पी सका है, तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित स्वास्थ्यकर्मी को दी जाए, ताकि उसे भी अभियान के दौरान पोलियो रोधी खुराक उपलब्ध कराई जा सके।
गौरतलब है कि जिले में 28 जून 2026 से तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई थी। इस विशेष अभियान के तहत तीन लाख से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन जिलेभर में 1600 से ज्यादा पोलियो बूथों के माध्यम से बच्चों को दवा दी गई थी, जबकि दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों तक पहुंच रही हैं, जो पहले दिन किसी कारण से छूट गए थे। प्रशासन का लक्ष्य अभियान के दौरान जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की सुरक्षा पहुंचाना है।