पलामू में नवजात को बेचने के मामले पर NHRC सख्त, डीसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

पलामू में नवजात को बेचने के मामले पर NHRC सख्त, डीसी से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 28, 2026, 1:53:00 PM

झारखंड के पलामू जिले में आर्थिक तंगी के चलते एक महिला द्वारा अपने नवजात शिशु को बेचने की घटना ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का ध्यान आकर्षित किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन से जवाब-तलब किया है और पलामू के उपायुक्त को 4 जून 2026 तक विस्तृत अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। आयोग यह परखना चाहता है कि प्रभावित परिवार को वास्तव में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी की गई हैं।

यह मामला तब सामने आया जब चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन से जुड़े बैजनाथ कुमार ने शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, लेस्लीगंज प्रखंड के लोटवा गांव निवासी पिंकी देवी ने अपनी बीमारी के इलाज के लिए मजबूरी में अपने नवजात बच्चे को 50 हजार रुपये में बेच दिया। इस घटना ने क्षेत्र में गरीबी और सामाजिक सुरक्षा तंत्र की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि पीड़ित परिवार के पास आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज तक उपलब्ध नहीं थे, जिससे वे सरकारी योजनाओं से वंचित रहे। प्रशासनिक सहायता के नाम पर उन्हें केवल सीमित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया, जबकि रहने के लिए वे मंदिर परिसर के शेड में आश्रय लेने को विवश थे।

हालांकि, आयोग के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन ने 10 मार्च को एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें परिवार को सहायता प्रदान किए जाने का दावा किया गया। अब NHRC ने इस पर और स्पष्टता मांगी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राहत केवल दस्तावेजों तक सीमित न रहकर वास्तविक रूप से ज़मीनी स्तर पर भी पहुंची हो।