शहरवासियों को सुगम यातायात उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया हुसैनाबाद रेलवे ओवरब्रिज अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। तकनीकी खामियों, भारी वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव और प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण के चलते शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि जपला बाजार, हरिहर चौक, दंगवार रोड, देवरी रोड और छत्तरपुर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में प्रतिदिन लंबा जाम लगना आम बात हो गई है।
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब छत्तरपुर-औरंगाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर अम्बा के पास नदी पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद भारी वाहनों का आवागमन वैकल्पिक मार्ग से शुरू कराया गया। इसके बाद ट्रकों और हाइवा जैसे बड़े वाहनों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई, जिससे ओवरब्रिज की संरचना से जुड़ी कमियां खुलकर सामने आने लगीं।
सबसे बड़ी समस्या ओवरब्रिज के पश्चिमी हिस्से में सामने आ रही है। यहां देवरी रोड की ओर पर्याप्त मोड़ उपलब्ध नहीं होने के कारण दंगवार रोड की दिशा में जाने वाले बड़े वाहन आसानी से नहीं निकल पाते। कई बार चालकों को बार-बार वाहन आगे-पीछे करना पड़ता है, जिससे चारों ओर से आने वाला यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है। इसी दौरान लंबा जाम लग जाता है और वाहन चालकों के बीच विवाद की स्थिति भी पैदा हो जाती है।
हाल ही में हरिहर चौक के नीचे क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए 14 से 17 जुलाई तक ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया था। मरम्मत कार्य पूरा होने के बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि नई बनी पीसीसी सड़क की मजबूती बनाए रखने के लिए निर्धारित अवधि तक नियमित क्योरिंग आवश्यक है। उनका मानना है कि यदि समय पर पानी का पटवन नहीं किया गया तो नई सड़क समय से पहले ही खराब हो सकती है।
लगातार जाम और धूल की समस्या से परेशान नागरिकों ने पिछले सप्ताह हरिहर चौक पर विरोध प्रदर्शन भी किया था। प्रशासन द्वारा समाधान का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन समाप्त हुआ, लेकिन लोगों का आरोप है कि अब तक कोई प्रभावी बदलाव नजर नहीं आया है और शहर पहले की तरह जाम की समस्या से जूझ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ट्रैफिक प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहा है। बाजार क्षेत्र की सड़कों पर फैले अतिक्रमण के कारण पहले ही सड़कें संकरी हो चुकी हैं। ऐसे में भारी वाहनों के प्रवेश से पूरे शहर की आवाजाही प्रभावित हो जाती है। कई बार प्रशासनिक अधिकारी भी इसी जाम में फंसते हैं, लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
शहरवासियों ने ओवरब्रिज के निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने, दंगवार रोड को वैज्ञानिक तरीके से ओवरब्रिज से जोड़ने, संवेदनशील चौराहों पर स्थायी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाने तथा निर्माण में हुई कथित खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते व्यापक और व्यावहारिक समाधान नहीं निकाला गया तो हुसैनाबाद की यातायात समस्या और गंभीर हो सकती है। उनका मानना है कि जिस ओवरब्रिज से लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद थी, वही आज शहर की सबसे बड़ी ट्रैफिक चुनौती बन गया है।
पलामू से विकाश कश्यप की रिपोर्ट