झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए निर्धारित है। उन्होंने कहा कि कोई भी गैर-भारतीय नागरिक इस प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास न करे, क्योंकि गलत घोषणा कर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कोशिश कानून के तहत दंडनीय अपराध है। यदि किसी गैर-भारतीय के पास गलती से इन्यूमरेशन फॉर्म पहुंच जाता है, तो उसे बिना भरे और बिना हस्ताक्षर किए कारण बताते हुए संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को लौटा देना चाहिए।
मंगलवार को लोहरदगा के विभिन्न मतदान केंद्रों पर आयोजित बीएलओ, बीएलए-2 की बैठक और चुनाव पाठशाला कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाताओं, बीएलओ और अन्य चुनावकर्मियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की, बीएलओ और बीएलए-2 से फील्ड स्तर पर हो रहे कार्यों की जानकारी ली तथा निर्वाचन प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने के लिए उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यभर के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ एवं बीएलए-2 की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में संबंधित मतदान केंद्रों की एएसडीडी (ASDD) सूची का सार्वजनिक वाचन किया गया है। आगामी 22 जुलाई को तीसरी और अंतिम बैठक आयोजित होगी, जिसमें एएसडीडी सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक की पूरी कार्यवाही और तस्वीरें बीएलओ ऐप के माध्यम से अपलोड की जाएंगी। इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ एएसडीडी सूची भी सार्वजनिक की जाएगी।
के. रवि कुमार ने जोर देकर कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक प्रारूप मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। उन्होंने बीएलओ और बीएलए-2 से अपील की कि एएसडीडी सूची तैयार करते समय प्रत्येक मामले का सावधानीपूर्वक सत्यापन किया जाए, ताकि किसी भी योग्य मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से सूची से बाहर न हो।
उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची से बाहर रखे जाने वाले मामलों को पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। पहली श्रेणी ऐसे मतदाताओं की है, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं। ऐसे मतदाताओं को केवल अपने स्थायी निवास वाले क्षेत्र में मतदाता के रूप में बने रहना होगा और अन्य स्थानों के फॉर्म बिना हस्ताक्षर किए कारण सहित वापस करने होंगे।
दूसरी श्रेणी मृत मतदाताओं की है, जिनके संबंध में परिवार के सदस्य बिना हस्ताक्षर किए संबंधित फॉर्म कारण सहित बीएलओ को लौटाएंगे। तीसरी श्रेणी उन मतदाताओं की है, जो विवाह, रोजगार या अन्य कारणों से स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर बस चुके हैं। यदि पूरा परिवार स्थानांतरित हो चुका है, तो बीएलओ फील्ड सत्यापन के आधार पर आवश्यक टिप्पणी दर्ज करेंगे।
चौथी श्रेणी ऐसे मतदाताओं की है, जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं या जिनके बारे में स्थानीय स्तर पर कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे मामलों में बीएलओ जांच के बाद आवश्यक विवरण दर्ज कर बीएलओ ऐप पर अपलोड करेंगे।
पांचवीं श्रेणी गैर-भारतीय नागरिकों से संबंधित है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिक, चाहे वे कानूनी रूप से भारत में रह रहे हों या अवैध रूप से, भारतीय मतदाता सूची में शामिल होने के पात्र नहीं हैं। यदि कोई गैर-भारतीय इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर कर गलत घोषणा करता है, तो उसके विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लोहरदगा दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदान केंद्र संख्या 259, 260, 261, 272, 273 और 274 का निरीक्षण किया तथा वहां आयोजित बीएलओ-बीएलए-2 बैठकों और चुनाव पाठशालाओं में भाग लिया। इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी संदीप कुमार मीणा, आईटीडीए की निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, उप निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार, निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी अमित कुमार, अतिरिक्त एईआरओ मुक्ति किंडो सहित बीएलओ, बीएलए-2, बीएलओ सुपरवाइजर, स्वयंसेवक और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।