वर्दी के रसूख तले कुचली अस्मत, लातेहार में आदिवासी महिला से पुलिसिया बर्बरता

​लातेहार/रांची: झारखंड के लातेहार जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां बकरी चरा रही एक 33 वर्षीय आदिवासी महिला पुनिया देवी के साथ पुलिसकर्मियों ने बर्बरता की।

लातेहार/रांची: रक्षक ही जब भक्षक बन जाएं, तो कानून-व्यवस्था से आम जनता का भरोसा उठना लाजमी है। झारखंड के लातेहार जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां बकरी चरा रही एक 33 वर्षीय आदिवासी महिला पुनिया देवी (नाम परिवर्तित/स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार) को पुलिसकर्मियों ने न केवल बर्बरता से पीटा, बल्कि थाने में पैर बांधकर उल्टा लटकाया, यौन प्रताड़ना दी और जातिसूचक गालियां दी। इस भयावह घटना के सोशल मीडिया पर उजागर होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़े जांच के आदेश दिए हैं।

बकरी चरा रही महिला को सादे कपड़ों में आए पुलिसकर्मियों ने उठाया

मिली जानकारी के अनुसार, हेरहंज थाना क्षेत्र के सलैया (मेलम) गांव की रहने वाली पीड़िता 5 अक्टूबर की दोपहर बगनदी गहवा के पास अपनी बकरियां चरा रही थी। इसी दौरान बारियातू थाना प्रभारी (SHO) प्रभात कुमार दास, ड्राइवर चंद्रदेव ठाकुर, मुंशी मनीष और अन्य पुलिसकर्मी सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में वहां पहुंचे और महिला को जबरन उठा लिया। पीड़िता का कसूर सिर्फ इतना बताया गया कि पुलिस को उस पर अफीम/पोस्ता की खेती में शामिल होने का शक था।

खाकी की हैवानियत: थाने में उल्टा लटकाया, यौन उत्पीड़न और जातिसूचक गालियां

लातेहार के पुलिस अधीक्षक (SP) को दी गई लिखित शिकायत में पीड़िता ने पुलिसिया हैवानियत की जो दास्तान सुनाई है, वह रूह कंपा देने वाली है|बारियातू थाने ले जाकर महिला के दोनों पैर बांध दिए गए और उसे छत से उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा गया।

यौन उत्पीड़न व धमकी:

रास्ते में और हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने महिला के साथ छेड़छाड़ की।पिटाई के दौरान पीड़िता को 'भोक्ता' और 'गंझू' जैसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं।

पैसे लूटने व जबरन वीडियो बनाने का आरोप:

परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनके घर से 80,000 रुपये ले गई। 6 अक्टूबर की रात महिला को छोड़ने से पहले दबाव बनाकर एक फर्जी वीडियो बयान भी रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें उससे कबूलवाया गया कि वह अफीम की खेती करती है।

मानवाधिकार संगठन की पहल पर जागे मुख्यमंत्री, दिए जांच के आदेश

जब मानवाधिकार संगठन 'झारखंड जनाधिकार महासभा' (JJM) ने इस दर्दनाक घटना का ब्योरा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर साझा किया, तो मामला गर्मा गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल पोस्ट का संज्ञान लेते हुए लातेहार पुलिस को कड़े शब्दों में हिदायत दी। हेमंत सोरेन ने कहा-

यह स्थिति किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। लातेहार पुलिस तत्काल संज्ञान ले, निष्पक्ष जांच करे एवं दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करते हुए सूचित करे।

पुलिस महकमे में हड़कंप: SDPO के नेतृत्व में SIT गठित

मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद लातेहार पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बालूमाथ के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) और एक महिला पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लातेहार/रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट