आत्मसमर्पण नीति से प्रेरित हो कर मुख्यधारा में लौटे 11 नक्सली, सरकार ने सौंपा पुनर्वास अनुदान

आत्मसमर्पण नीति से प्रेरित हो कर मुख्यधारा में लौटे 11 नक्सली, सरकार ने सौंपा पुनर्वास अनुदान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 10, 2026, 4:15:00 PM

झारखंड की हेमंत सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का असर लातेहार जिले में साफ नजर आ रहा है। मुख्यधारा में लौटे 11 नक्सलियों को राज्य सरकार की ओर से कुल 22.86 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इस संबंध में गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।

सरकारी नीति से प्रभावित होकर और लगातार बढ़ रहे पुलिस दबाव के बीच इन नक्सलियों ने लातेहार पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। आत्मसमर्पण करने वालों में कुख्यात नक्सली लवलेश गंझू भी शामिल है, जिसे अन्य की तुलना में सर्वाधिक सहायता राशि प्रदान की गई है।

अधिकारियों के अनुसार, यह आर्थिक मदद पुनर्वास अनुदान, घोषित इनाम की राशि, हथियार जमा करने के बदले नकद भुगतान, मकान किराया तथा शिक्षा शुल्क जैसी विभिन्न मदों के तहत दी गई है, ताकि आत्मसमर्पण करने वालों को नया जीवन शुरू करने में सहूलियत मिल सके।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में झारखंड के सभी जिलों में लातेहार ऐसा जिला रहा है, जहां सबसे अधिक 23 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जो राज्य की नक्सल विरोधी रणनीति की सफलता को दर्शाता है।

किसे कितनी राशि मिली:

  • लवलेश गंझू – 6 लाख रुपये

  • अखिलेश यादव – 5.75 लाख रुपये

  • मोजिंदर गंझू – 2 लाख रुपये

  • ब्रह्मदेव गंझू – 1.32 लाख रुपये

  • रघुनाथ सिंह – 1.28 लाख रुपये

  • अनिल उरांव – 1.28 लाख रुपये

  • संजय प्रजापति – 1.21 लाख रुपये

  • बैजनाथ सिंह – 1 लाख रुपये

  • दशरथ उरांव – 1 लाख रुपये

  • सतेंद्र उरांव – 1 लाख रुपये

  • मोहन परहिया – 1 लाख रुपये

कुल वितरित राशि: 22.85 लाख रुपये (सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 22.86 लाख रुपये)

सरकार का मानना है कि इस तरह की पुनर्वास सहायता नक्सलियों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।