झारखंड के कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा घटना जयनगर थाना क्षेत्र के कंझियाडीह गांव की है, जहां बीती रात हाथियों के झुंड ने एक ईंट-भट्ठे पर हमला कर दिया। इस हमले में एक मजदूर और एक नाबालिग बच्चे की जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए।
मृतकों की पहचान बिहार के फतेहपुर गांव निवासी 32 वर्षीय राजकुमार मांझी और 12 वर्षीय लवकुश मांझी के रूप में हुई है। घायल होने वालों में राजकुमार की पत्नी गौरी देवी, लवकुश की मां कारी देवी और उनका डेढ़ वर्षीय बच्चा शामिल हैं। घायलों का इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथियों का झुंड देर रात अचानक बस्ती में घुस आया और अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान लवकुश को हाथियों ने बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश दोनों का माहौल है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से हाथियों का झुंड लगातार रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर रहा है। बीते 27 दिनों में अब तक सात लोगों की जान हाथियों के हमले में जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। वन विभाग द्वारा हाथियों को खदेड़ने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन वे बार-बार अलग-अलग क्षेत्रों (जयनगर, डोमचांच और कोडरमा घाटी) में लौट आते हैं।
जानकारी के मुताबिक, दिन में हाथी जंगलों में रहते हैं, जबकि रात होते ही गांवों की ओर रुख कर देते हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने अपील की है कि ग्रामीण कुछ समय तक खुले में न सोएं और जंगल या हाथियों के करीब जाने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।