जामताड़ा जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को उत्क्रमित उच्च विद्यालय, सोनबाद में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज स्कीम, 2024 के तहत लगाया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य खामाकर घोष ने की। शिविर में बतौर वक्ता अधिकार मित्र विश्वजीत पाल, सुमन टुडू और शिवनाथ मंडल उपस्थित थे।
अधिकार मित्रों ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि हर बच्चे को सम्मान के साथ जीने, शिक्षा पाने और सुरक्षित माहौल में रहने का अधिकार है। बच्चों को शोषण, हिंसा, बाल विवाह, बाल श्रम और किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार से बचाने के लिए कानून में कड़े प्रावधान किए गए हैं। यदि कहीं भी बच्चों के अधिकारों का हनन होता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दी जा सकती है।अशिविर के दौरान दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया पर विशेष चर्चा की गई। अधिकार मित्रों ने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र एक बेहद जरूरी दस्तावेज है। इसी के आधार पर सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलता है। उन्होंने प्रमाण पत्र के लिए जरूरी कागजात, ऑनलाइन आवेदन, मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच और प्रमाण पत्र निर्गत होने की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। साथ ही दिव्यांग बच्चों और जरूरतमंद लोगों के लिए सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
बताया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी अड़चन आने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सलाह और सहायता ली जा सकती है।मौके पर प्रधानाचार्य खामाकर घोष ने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार की यह पहल सराहनीय है। स्कूल स्तर पर इस तरह के कार्यक्रमों से बच्चों में अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता आती है। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिका और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट