झारखंड के जामताड़ा जिले के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई लापरवाही को लेकर जामताड़ा की सियासत गरमा गई है। अस्पताल में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के बाद भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने मां चंचला मंदिर के पास प्रदर्शन कर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का पुतला फूंका और झूठा केस वापस लेने की चेतावनी दी।जानकारी के अनुसार बीते दिनों सदर अस्पताल में इलाज में बरती गई घोर लापरवाही के कारण एक प्रसूता और उसके बच्चे की मौत हो गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष सुमित शरण अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिवार से मिलने अस्पताल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय पीड़ित परिजनों की अस्पताल के डॉक्टर और नर्स से नोक-झोंक चल रही थी। जिलाध्यक्ष ने बीच-बचाव करते हुए परिजनों को शांत किया और डॉक्टर तथा नर्स से उलझने से मना करते हुए उन्हें बाहर निकाला। भाजपा नेताओं का कहना है कि इस दौरान पार्टी के किसी कार्यकर्ता ने कोई उपद्रवी काम नहीं किया लेकिन भाजपा का आरोप है कि इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सह स्थानीय विधायक इरफान अंसारी ने ओछी राजनीति करते हुए अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाकर जिलाध्यक्ष सुमित शरण, जिला महामंत्री कमलेश मंडल और नगर अध्यक्ष प्रदीप राउत समेत भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ जामताड़ा थाना में झूठा मामला दर्ज करवा दिया।
इस कार्रवाई से आक्रोशित भाजपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मां चंचला मंदिर के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री का पुतला जलाकर केस तुरंत वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी कि यदि झूठा मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो भाजपा आगे और उग्र आंदोलन करेगी।प्रदर्शन में युवा मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मनीष दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश राय, माधव चंद्र महतो, तरुण गुप्ता, हरिमोहन मिश्रा, बालमुकुंद रविदास, बबीता झा, तापस भट्टाचार्य, कैलाश मंडल, रंजीत तिवारी, मोहन शर्मा सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। फिलहाल पूरे मामले को लेकर जामताड़ा में सियासी माहौल गर्म है।
जामताडा से संतोष कुमार की रिपोर्ट