झारखंड के जामताडा जिले में सोमवार को संयुक्त सहकारिता भवन से ऑनलाइन डिजिटल इनिशिएटिव के तहत प्रोजेक्ट प्रज्ञान विशेष ऑनलाइन क्लासेस कार्य्रकम का शुभारम्भ किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी जामताड़ा आलोक कुमार द्वारा विधिवत रिबन काटकर किया गया। इससे पूर्व उपायुक्त आलोक कुमार के आगमन पर जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक के द्वारा उनका स्वागत किया गया। उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी, जामताड़ा आलोक कुमार के सोच एवं पहल से कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन में जिले के उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करते हुए विद्यार्थियों को विषय-विशेषज्ञ एवं दक्ष शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस अभिनव पहल प्रोजेक्ट प्रज्ञान को प्रारंभ किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल माध्यम से उच्च स्तरीय शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना तथा कक्षा 10 एवं 12 के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में गुणात्मक सुधार लाना है। साथ ही विद्यार्थियों को गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान एवं अर्थशास्त्र सहित अन्य सभी विषयों की पढ़ाई सिलेबस के अनुरूप पूर्ण कराना है, ताकि हमारे विद्यालयों के बच्चों का आगामी बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणामों में गुणात्मक सुधार देखने को मिले। इसके अलावा बताया कि विशेष ऑनलाइन कक्षाओं का प्रसारण जिला सहकारिता भवन स्थित स्टूडियो से किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों एवं विद्यार्थियों को पृथक यूजर आईडी एवं पासवर्ड उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी विद्यालय के आईसीटी लैब, साइबर कैफे अथवा घर से भी कक्षाओं को देख सकेंगे।
वहीं कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षाएं संचालित होंगी। विशेष ऑनलाइन क्लासेस प्रातः 09:30 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक एवं अपराह्न 01:00 बजे से 03:00 बजे तक संचालित की जाएगी। जिसमें कक्षा 10 के लिए प्रातः 09:30 बजे से 11:20 बजे तक तथा कक्षा 12 के लिए पूर्वाह्न 11:30 बजे से अपराह्न 02:50 बजे तक विशेष ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। विद्यालयों में आईसीटी लैब एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से कक्षाओं का प्रसारण सुनिश्चित किया जाएगा। जिन विद्यालयों में संबंधित विषय के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां आईसीटी इंस्ट्रक्टर द्वारा कक्षा संचालन में सहयोग किया जाएगा तथा तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में विशेष ऑनलाइन कक्षा हेतु पृथक छात्र उपस्थिति पंजी का संधारण किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की सहभागिता की नियमित निगरानी की जा सके।
उपायुक्त ने बताया कि प्रोजेक्ट प्रज्ञान की सफलता एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित अनुश्रवण की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों के द्वारा न सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई की जाएगी, बल्कि शिक्षक रैंडमली विद्यालयों का विजिट करेंगे एवं बच्चों के शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे एवं उसी अनुरूप बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करेंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि आने वाले समय में हमारे बच्चे बेहतर करेंगे, विशेष ऑनलाइन क्लासेस कार्यक्रम का सकारात्मक असर दिखेगा। बच्चे न सिर्फ बोर्ड परीक्षाओं में बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा प्रत्येक विद्यालय के लिए एक नोडल पदाधिकारी नामित किए जाएंगे, जो प्रत्येक माह के अंतिम सप्ताह में संबंधित विद्यालय का निरीक्षण कर ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन, विद्यार्थियों की सहभागिता, शिक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर प्रतिवेदन समर्पित करेंगे।
उपायुक्त ने सभी शिक्षकों से कहा कि पूरे निष्ठभावना के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें अगले 3 से 3.5 महीने में बच्चों का सिलेबस को पूर्ण कराएं। साथ ही उन्होंने कहा कि सिलेबस का प्रॉपर रिवीजन एवं टेस्ट लिया जाएगा।वहीं इस अवसर पर उपायुक्त द्वारा प्रोजेक्ट प्रज्ञान के प्रचार प्रसार एवं लोगों तक जागरूकता के उद्देश्य से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, जिला सहकारिता पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
जामताड़ा से संतोष की रिपोर्ट