जामताड़ा के नाला में रविवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा नेता माधव चंद्र महतो ने केंद्र सरकार के एमएमडीआर एक्ट को लेकर झारखंड की हेमंत सरकार पर जमकर हमला बोला।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए भाजपा नेता माधव चंद्र महतो ने कहा कि एमएमडीआर एक्ट कोई नया कानून नहीं है। यह 1957 में ही लागू हुआ था। इस कानून के तहत ही राज्य सरकार को खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार मिलता है। लेकिन झारखंड सरकार ने कोयले पर 5 रुपये प्रति क्विंटल सेस बढ़ाकर राज्य के कोयले को पूरे देश में सबसे महंगा कर दिया है। जिसका नतीजा है कि बाहर की कंपनियां झारखंड से कोयला खरीदना बंद कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में 29 राज्य हैं। 22 राज्यों में भाजपा की सरकार है और 7 राज्यों में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों की सरकार है, लेकिन कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल, तेलंगाना जैसे किसी भी राज्य में इस कानून का विरोध नहीं हो रहा है। केवल झारखंड में जनता को गुमराह कर राजनीति की जा रही है।
भाजपा नेता माधव चंद महतो ने आरोप लगाते हुए कहा कि रघुवर सरकार ने अपने 5 साल के कार्यकाल में 48 कोल ब्लॉकों का लीज सरकारी प्रक्रिया से किया था, जबकि मौजूदा हेमंत सरकार ने 5 साल में मात्र 3 ब्लॉक ही आवंटित किए हैं। सरकार की मंशा कोयला बेचने की नहीं बल्कि माफियाओं के माध्यम से अवैध खनन कराने की है। दो दिन पहले ही वित्त मंत्री के क्षेत्र में 4 अवैध कोयला लदे ट्रक पकड़े गए हैं, जो इसका सबूत है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह बालू घाटों की नीलामी नहीं की जा रही है, ताकि अवैध बालू का पैसा सरकारी खजाने में जाने के बजाय सिंडिकेट के जेब में जाए। अंत में उन्होंने कहा कि जिस तरह मोदी सरकार ने जीएसटी लागू कर देश को दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया, उसी तरह एमएमडीआर एक्ट भी विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट