जामताड़ा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। योनो ऐप अपडेट कराने के नाम पर लोगों को ठगने वाले साइबर अपराधियों के एक सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त जानकारी के आधार पर साइबर अपराध थाना, जामताड़ा की टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी की। यह अभियान लखनुडीह पारटोल रोड के पास ग्राम डिगवाडीह से लगभग 200 मीटर दक्षिण स्थित बांस की झाड़ियों के पास चलाया गया, जहां अपराधी ठगी को अंजाम दे रहे थे।
इस ऑपरेशन का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक फारूक ने किया। टीम में पुलिस निरीक्षक अमृत कुमार राम, पुलिस अवर निरीक्षक कुंदन कुमार वर्मा समेत अन्य जवान शामिल रहे।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जो फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड के जरिए लोगों को निशाना बना रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इब्राहिम अंसारी उर्फ पाडु (19 वर्ष), निवासी पाण्डेडीह, थाना अहिल्यापुर, जिला गिरिडीह; हुसैन अंसारी (26 वर्ष), निवासी कबरी; साकिर अंसारी उर्फ लालु (26 वर्ष), निवासी बरगुंडी; और सिराज अंसारी (28 वर्ष), निवासी पारटोल के रूप में हुई है।
हुसैन, साकिर और सिराज करमाटांड़ थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 7 मोबाइल फोन और 8 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को फोन कर खुद को योनो ऐप अपडेट कराने वाला बताकर संपर्क करते थे। इसके बाद वे व्हाट्सएप और स्क्रीन शेयरिंग एप्लिकेशन के जरिए पीड़ितों के मोबाइल की स्क्रीन तक पहुंच बना लेते थे।
स्क्रीन एक्सेस मिलते ही आरोपी योनो ऐप का यूजर आईडी और पासवर्ड सेट कर देते थे। जैसे ही ओटीपी आता, नेट बैंकिंग के जरिए खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई हिस्सों में फैला हो सकता है।
इस मामले में जामताड़ा साइबर अपराध थाना कांड संख्या 09/26 (दिनांक 09 फरवरी 2026) के तहत BNS 2023 की धारा 111(1)(iii), 318(4), 319(2), 3(5), आईटी एक्ट की धारा 66(B), 66(C), 66(D) और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की धारा 42(3)(e) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने बताया कि योनो ऐप अपडेट के नाम पर साइबर अपराधियों ने उनके मोबाइल नंबर पर भी कॉल किया था। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल्स या स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें और संदिग्ध कॉल की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस पूरे साइबर नेटवर्क की विस्तृत जांच में जुटी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।