झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी बुधवार को जामताड़ा से रांची लौटने के दौरान धनबाद के बरवाअड्डा स्थित 'अपना ढाबा' पहुंचे, जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर अपनी बात रखी।
मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस ढाबे पर रुकने का फैसला विशेष कारण से किया। उनके अनुसार, इसी स्थान पर उनकी मुलाकात कभी झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन से हुई थी। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन को मिला पद्मभूषण सम्मान पूरे राज्य के लिए सम्मान और गौरव का विषय है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके लंबे संघर्ष और योगदान को देखते हुए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से भी सम्मानित किया जाना चाहिए और केंद्र सरकार को इस दिशा में विचार करना चाहिए।
राज्यसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए इरफान अंसारी ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में धनबल का प्रभाव देखने को मिला। उनका कहना था कि यदि जनता के मतों से हार होती तो उसे स्वीकार करना आसान होता, लेकिन इस परिणाम के पीछे पैसों की भूमिका रही। उन्होंने भाजपा पर झारखंड के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता का भरोसा कांग्रेस के साथ है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने दावा किया कि 200 से अधिक चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, जिनमें कई सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर भी शामिल हैं। उनके अनुसार, डॉक्टरों को बेहतर वेतन और सुविधाएं देकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कैंसर उपचार से जुड़ी दवाओं की बढ़ती कीमतों पर भी मंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज को आम लोगों की पहुंच में लाने के लिए केंद्र सरकार को दवाओं की कीमतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। वहीं, अपने ऊपर लगाए गए घोटाले से जुड़े आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनका किसी भी प्रकार के घोटाले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता राज्य के लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।