जामताड़ा जिले में परिवार की मंगल कामना के लिए शनिवार को मुख्यालय सहित संपूर्ण प्रखंड क्षेत्र में मां विपद तारिणी की धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। पूजा को लेकर महिलाओं ने उपवास रखा और 13 प्रकार की मिठाइयों का भोग लगाकर भगवान की पूजा की वही परिवार के खुशहाली की कामना की। विपद तारिणी पूजा को लेकर कुंडहित के बजरंगबली मंदिर, तीनों दुर्गा मंदिर, शिव मंदिर, सिंह वाहिनी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही महिलाओं की लंबी कतार लगी रही।
उपवास रखने वाली महिलाओं ने 13 तरह के पकवानों से मां विपद तारिणी की पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की। बंगाली बाहुल इस क्षेत्र में लोगों ने मां दुर्गा के विपद तारिणी रूप की पूजा की तथा कथा सुनकर परिवार की खुशहाली की कामना की।
मान्यता है कि मां विपदतारिणी के प्रसन्न रहने से घर में सुख-शांति रहती है। मां विपदतारिणी की पूजा आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से नवमी के बीच मंगलवार व शनिवार को होती है। इस पूजा का विधान रथयात्रा के बाद पड़ने वाले मंगलवार या शनिवार को होता है।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट