राज्य के जल-जंगल-जमीन और खनिज अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं: भाकपा माले

केंद्र सरकार के प्रस्तावित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 के खिलाफ वाम दलों का चरणबद्ध आंदोलन तेज हो गया है।

केंद्र सरकार के प्रस्तावित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक-2026 के खिलाफ वाम दलों का चरणबद्ध आंदोलन तेज हो गया है। इसी क्रम में शनिवार को नाला प्रखंड के भंडारबेड़ा स्थित सिद्धू-कान्हू चौक पर भाकपा माले ने जोरदार प्रदर्शन कर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया।प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यहां के जल, जंगल, जमीन और खनिज पर पहला हक झारखंड के लोगों का है। केंद्र का यह नया संशोधन विधेयक राज्य के आर्थिक हितों और राजस्व पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र सरकार से अविलंब इस विधेयक को वापस लेने की मांग की। कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े किसी भी फैसले में झारखंड के हितों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए। यदि केंद्र ने जन-विरोधी नीतियों को वापस नहीं लिया, तो इस आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।बताया गया कि वाम दलों द्वारा 25 से 31 अगस्त तक पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। भंडारबेड़ा का यह कार्यक्रम उसी आंदोलन की कड़ी था। 

आंदोलन की कमान भाकपा माले के नाला प्रखंड सचिव सुशील मोहाली ने संभाली। मौके पर आदिवासी संघर्ष मोर्चा के मेनेश्वर सोरेन, जिला सदस्य तपन हांसदा, सुनील राणा, संतोष मंडल, जयसिंग हेम्ब्रम, सूरज मुर्मू, बबुनाथ मुर्मू, सूरजरानी हांसदा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। कुंडहित प्रखंड सचिव सोमलाल मिर्धा भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए।

जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट