केरेडारी मुख्यालय मैदान में हजारों ग्रामीणों का धरना, सरकार व पदाधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Sujeet Kumar
Updated at : Jul 10, 2026, 5:21:00 PM

हजारीबाग जिले में शुक्रवार को भूमि अधिकार एवं सामाजिक न्याय समिति के बैनर तले केरेडारी अंचल कार्यालय परिसर स्थित मुख्यालय मैदान में हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चले इस धरने में पतरातू, बड़कागांव और केरेडारी क्षेत्र के विस्थापित एवं प्रभावित परिवार बड़ी संख्या में शामिल हुए।

धरना स्थल पर ग्रामीणों ने झारखंड सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी बातें रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से दिए जा रहे मांग पत्रों के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सरकार को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा कि "जल, जंगल, जमीन" पर उनका अधिकार है और इसे किसी कीमत पर छीना नहीं जा सकता। धरने में ग्रामीणों ने अपनी कई मांगों को रखा।  भूमि अधिकार एवं सामाजिक न्याय समिति के संयोजक विकाश कुमार महतो और मुख्य संरक्षक दर्शन गंझू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इन मांगों में हैदेगिर हाई स्कूल भवन से पुलिस पिकेट हटाकर 10+2 की पढ़ाई शुरू करने, बुंडू एवं पताल ईस्ट कोल ब्लॉक रद्द करने, अवैध भूमि बंदोबस्ती पर रोक लगाकर पहले की अवैध बंदोबस्ती रद्द करने, विशेष शिविर लगाकर भूमि अभिलेख की त्रुटियां सुधारने बचरा व किचटो पंचायत को पुनः केरेडारी प्रखंड में शामिल करने और सरकारी योजना समान रूप से सभी पंचायतों में वितरित की जाने शामिल थी।  

ग्रामीणों ने पोस्टर और बैनर के जरिए शिक्षा में बाधा बंद करो, विद्यालय से पुलिस पिकेट हटाओ, SM स्टील वापस जाओ, RCR स्टील कंपनी वापस जाओ और कोयला स्वाभिमान है, कोयला नहीं जीवन चाहिए जैसे नारे भी लगाए। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने 10 दिनों के अंदर मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 

हजारीबाग से सुनील कुमार ठाकुर की रिपोर्ट