झारखंड हाई कोर्ट ने कथित रिश्वतखोरी के एक मामले में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी पवन कुमार राम को जमानत प्रदान कर दी है। न्यायमूर्ति रोंगोन मुखोपाध्याय की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी दरोगा की जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
पवन कुमार राम को मार्च 2026 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), हजारीबाग की टीम ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, उस समय वह कोडरमा जिले के चंदवारा थाना में पदस्थापित थे। आरोप है कि उन्होंने एक अवैध शराब से जुड़े मामले में राहत या अनुकूल कार्रवाई सुनिश्चित करने के बदले धनराशि की मांग की थी।
सूत्रों के मुताबिक, कथित मांग से परेशान संबंधित पक्ष ने पूरे प्रकरण की शिकायत एसीबी से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए 15 मार्च 2026 को पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते समय रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी उनके सरकारी आवास से की गई थी।
गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भ्रष्टाचार से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। अब मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। हालांकि, मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।